गिरवाई क्षेत्र स्थित सिकंदर कंपू के रहने वाले एक युवक ने सोमवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने जान देने से पहले सुसाइड नोट लिखा, जिसमें पेट की बीमारी से परेशान होने का जिक्र किया है। परिजन का भी कहना है कि वह पेट की बीमारी के कारण बहुत तनाव में रहता था। गिरवाई थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया।
सिकंदर कंपू के रहने वाले दुर्गाप्रसाद अटारिया के तीसरे नंबर के बेटे धीरज अटारिया (30) नया बाजार में कपड़े की दुकान पर काम करते थे। पिछले दो साल से वह काफी बीमार रहने लगे थे। सोमवार रात को वह नींद की गोलियां खाकर सोए। सुबह करीब 9.30 बजे प|ी रश्मि ने उन्हें जगाया तो बोले कि अभी नींद पूरी नहीं हुई है। यह सुनकर प|ी नीचे आ गई। इसी दौरान उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगा ली। करीब आधा घंटे तक जब वह नीचे नहीं आए तो प|ी दोबारा कमरे में गई। वहां पति को फांसी के फंदे पर लटका देख उसकी चीख निकल गई। चीख सुनकर घर में मौजूद लोग वहां पहुंचे। उन्हें फांसी के फंदे से उतारा। लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। उनकी जेब से एक पर्ची मिली, जिसमें उन्होंने आत्महत्या का कारण लिखा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
रात-रातभर दर्द से तड़पते थे: धीरज के परिजनों ने बताया कि वह रात-रातभर दर्द से तड़पते थे। पेट की बीमारी का कई डॉक्टरों से इलाज कराया लेकिन कोई आराम नहीं मिला। इसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। मानसिक आरोग्यशाला में भी इलाज कराया। परिजन के मुताबिक, वह पहले भी कई बार कह चुके थे कि वह अब जीना नहीं चाहते। कई बार समझाया था लेकिन फिर भी आत्महत्या कर ली।
बच्चे बार-बार पूछ रहे थे, पापा को क्या हो गया: धीरज की शादी 2012 में हुई थी। उनके दो बेटे हैं। इस घटना से उनकी प|ी बेसुध हो गई थी। बेटे बार-बार पूछ रहे थे कि पापा को क्या हो गया। धीरज के पिता का भी रो रोकर बुरा हाल था।
मेरे घरवालों को परेशान न किया जाए
मैं धीरज अटारिया अपनी पेट की बीमारी के कारण परेशान था। इस कारण टेंशन बहुत रहती थी। धीरे-धीरे मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। उसकी दवा लीं। उनसे भी आराम नहीं मिला। इस कारण मैंने यह कदम उठाया है। इस कारण घर वालों को परेशान न किया जाए। बीमारी के कारण यह कदम उठाया है। - जैसा कि मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा है।
प|ी और एक सप्ताह की बेटी से मिलकर बुआ के घर पहुंचा युवक, जहर खाकर की खुदकुशी
ग्वालियर| पदमपुर खेरिया में रहने वाले एक युवक ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। पिछले सप्ताह ही उसकी प|ी ने मायके में बेटी को जन्म दिया था। इसके चलते दो दिन पहले वह अपनी ससुराल गया था। लौटकर वह अपनी बहन और बुआ के घर पहुंचा। बुआ के घर तबीयत बिगड़ी तब पता लगा कि उसने जहर खा लिया है। अस्पताल लाते समय उसकी मौत हो गई। युवक ने आत्महत्या क्यों की, यह तो पता नहीं लग सका है लेकिन परिजनों का कहना है कि ससुराल में किसी बात पर उसकी कहासुनी हो गई थी।
पदमपुर खेरिया के रहने वाले देवीराम के बेटे मक्खन जाटव (30) की शादी साढ़े तीन साल पहले भितरवार के ग्राम गांधीपुर की रहने वाली रेवती बाई से हुई थी। उनकी प|ी ने पिछले सप्ताह ही बच्ची को जन्म दिया है। वह कुछ दिनों से मायके में ही रह रही थी। वह बेटी को देखने के लिए दो दिन पहले ससुराल गए थे। ससुराल में प|ी और बेटी से मिलकर वह टेकनपुर स्थित ग्राम समूदन में बहन के यहां पहुंचे। रविवार को बहन के यहां खाना खाया और फिर उसी गांव में रहने वाली अपनी बुआ लीलावती के घर गए। उनके परिवार में गमी हुई थी, इसलिए लोग घर के बाहर बैठे हुए थे। वह भी वहीं जाकर बैठ गए। इसी दौरान उल्टी हुई और वह अचेत हो गए। उनकी जेब से सल्फास की दो पुड़िया निकलीं, जिनमें से एक पुड़िया खुली हुई थी।