ग्वालियर-चंबल संभाग के किशोर व संप्रेक्षण गृह की खस्ताहाल स्थिति को लेकर दाखिल की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शासन से जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति संजय यादव व न्यायमूर्ति एके जोशी की युगलपीठ ने मप्र शासन को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम-2015 के पालन के लिए तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई जुलाई में होगी।
लक्ष्मीनारायण श्रीवास्तव ने अशोकनगर व शिवपुरी जिले में किशोर न्याय अधिनियम-2015 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने मांग करते हुए जनहित याचिका दायर की। कोर्ट ने याचिका के कार्यक्षेत्र को बढ़ाते हुए ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर और विदिशा को भी इसमें शामिल करने का आदेश दिया। साथ ही मप्र शासन से रिपोर्ट तलब की। शासन की रिपोर्ट पर कोर्ट ने सभी जिलों के किशोर न्यायिक बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। रिपोर्ट में बताया गया, श्योपुर, शिवपुरी व भिंड में तो बच्चों को रखने की व्यवस्था ही नहीं है।