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गर्मी बढ़ने से पीला हुआ तिघरा का पानी पीएचई- काई फूलने से बढ़ा आयरन

3 वर्ष पहले
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अचानक तापमान में वृद्धि होने के कारण तिघरा जलाशय में काई का फूलना और पानी में मिलना शुरू हो गया है। इसके कारण पानी में आयरन की मात्रा बढ़ गई है। मोतीझील प्लांट के जल शोधन सयंत्र की प्रयोगशाला में सोमवार को लगाए गए टेस्ट में आयरन की मात्रा 0.3 पीपीएम तक जा पहुंची है। इस वजह से पानी का रंग रेडिस ब्राउन जैसा हो गया है। हालांकि यह पानी स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक नहीं है, क्योंकि मानकों के अनुसार पानी में आयरन की मात्रा 0.3 तक नार्मल मानी जाती है। 1.0 पीपीएम तक पहुंचने पर पानी पीने योग्य नहीं होता है। इधर शहर में जहां भी पानी की सप्लाई हुई, उन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों मे पीला और गंदा पानी आया है।

शहर में पीला पानी आने के बाद संयंत्र में सोमवार से पोस्ट क्लोरीनेशन का काम बंद कर प्री क्लोरीनेशन किया जाने लगा है। प्री-क्लोरीनेशन की मात्रा .2 पीपीएम रखी गई है। इसके साथ ही तिघरा से संयंत्र में आ रहे पानी में पोटेशियम परमैगनेट और एलम मिलाना शुरू कर दिया है। उसकी मात्रा तय मानकों के हिसाब रखी गई है। यदि यह बढ़ जाएगी तो पानी लाल होकर आने लगेगा। जानकारों के अनुसार पानी में आयरन की मात्रा बढ़ने क्लोरीन मिलाने से उसके रंग में पीलापन बढ़ जाता है।

इस साल सिर्फ 11 टेस्ट फेल: मोतीझील के जल शोधन संयंत्र में इस साल 1137 पानी के सैंपल शहर भर से आए थे। उनमें से सिर्फ 11 सैंपल ही फेल निकले। शेष सभी 1126 सैंपल ठीक पाए गए।

ये हैं सुझाव: यदि नलों से पीला पानी आ रहा है, तो घबराने की बात नहीं है। शहरवासी पानी में फिटकरी को तीन-चार बार कपड़े में बांधकर घुमा लें। इससे समस्या दूर हो जाएगी। आयरन का पानी पीने योग्य है। इससे कोई नुकसान नहीं है।

तिघरा में पारदर्शिता कम हुई

तिघरा में पेहसारी और ककेटो से पानी आ रहा है। यह पानी वहां पर काफी लंबे समय से ठहरा हुआ है। वहां पर पानी के अंदर आॅक्सीजन की मात्रा कम होगी। पेहसारी से लिफ्ट होकर पानी नहर के माध्यम से आ रहा है। इसलिए तिघरा तक आॅक्सीजन का लेबल तो ठीक है लेकिन पारदर्शिता जरूर कम हुई है। क्योंकि पानी बहकर आने से उसमें कई तत्व तिघरा जलाशय में पहुंच रहे हैं।

एक नजर में मानक

मापदंड (पैरामीटर) स्वीकार मानक अस्वीकार मानक वर्तमान में

आयरन 0.0 से 0.3 पीपीएम 1.0 पीपीएम 0.3 पीपीएम

आॅक्सीजन 4 से ऊपर नीचे आने पर 5.5 पीपीएम

आयरन की मात्रा बढ़ने से पानी का रंग बदल जाता है। पानी के उपयोग करने में कोई दिक्कत नहीं है। हम लगातार हर रोज पानी की जांच करा रहे हैं। आरएन करैया, कार्यपालन यंत्री जल प्रदान पीएचई ननि

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