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सीबीएसई स्कूलों में शुरू होगा तंदुरुस्त रहने का कोर्स

3 वर्ष पहले
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डीबी स्टार ग्वालियर/भोपाल

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से संबंद्ध स्कूलों में छात्र-छात्राओं को अब सेहतमंद और चुस्त-दुरुस्त रहने का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए विशेष रूप से कोर्स तैयार किया जा रहा है। इस कोर्स का नाम हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन (एचपीई) है। इस संबंध में बोर्ड ने पिछले दिनों सर्कुलर जारी किया है। इसमें बोर्ड से संबंधित सभी स्कूलों को अपने यहां अनिवार्य रूप से एक अलग पीरियड रखने के लिए कहा गया है। इसमें स्टूडेंट्स को बेहतर स्वास्थ्य के साथ शारीरिक शिक्षा का ज्ञान दिया जाएगा।

बोर्ड के एक अफसर ने बताया कि इस कवायद का मकसद स्टूडेंट्स का सर्वांगीण विकास करना है। अच्छे स्वास्थ्य के मायने सिर्फ बीमारियां दूर रहना नहीं है, बल्कि शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आत्मिक रूप से मजबूत होना है। इसे ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने नए शिक्षा सत्र 2018-19 से यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। शुरुआत में यह कोर्स कक्षा नौवीं से लेकर बारहवीं तक में पढ़ाया जाएगा। बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों को यह कोर्स अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।

प्रतिदिन लगेगी क्लास

इसी कड़ी में बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि वे क्लासेस के टाइम-टेबल में एक पीरियड स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा का भी रखें। इतना ही नहीं यह पीरियड प्रतिदिन लगना चाहिए। इसकी जिम्मेदारी प्राचार्य की होगी। संबंधित पीरियड में क्या और कैसे पढ़ाना है, इसके लिए बोर्ड स्टडी मटेरियल तैयार कर रहा है। इसके अंतर्गत विशेष रूप से विस्तृत गाइडलाइन, नई तकनीक अपनाई जाएगी। कोर्स से संबंधित सभी जानकारी बोर्ड अपनी वेबसाइट पर जल्द ही उपलब्ध कराएगा।

सीधी बात ब्रदर एलेक्स, चेयरमैन, सहोदय ग्रुप

रिलेक्स महसूस करेंगे

सीबीएसई स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन का नया कोर्स शुरू कर रहा है?

हां, बोर्ड से पत्र मिला है।

इसका स्टूडेंट्स को क्या लाभ होगा?

वर्तमान में बच्चों पर पढ़ाई का बहुत दबाव रहता है। इस कोर्स के द्वारा वे मेंटली और फिजिकली फिट रहना सीखेंगे। साथ ही खुद को रिलेक्स महसूस करेंगे।

यह कदम सराहनीय है

 स्वस्थ शरीर में स्वस्थ दिमाग रहता है। बच्चों के लिए पढ़ाई-लिखाई के साथ खेलना भी जरूरी है। बोर्ड का यह कदम सराहनीय है। अमित कुमार, अभिभावक

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