प्रदेश की ई-नगरपालिका के सॉफ्टवेयर को लेकर आ रही परेशानियों से जहां संपत्तिकरदाता परेशान हैं। तेज गर्मी में लोग अपना संपत्तिकर जमा करने के लिए तय स्थानों पर पहुंच रहे हैं लेकिन सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण पैसे जमा नहीं हो पा रहे। समस्या का समाधान कब तक होगा। इसका भी जवाब अफसरों के पास नहीं है। वहीं इस व्यवस्था से नगर निगम को भी नुकसान हुआ है। पिछले साल नए वित्तीय वर्ष के डेढ़ महीने में 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जमा हुई थी। जबकि इस बार अभी तक सिर्फ 5.50 लाख रुपए ही जमा हो पाए हैं।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश में ई-नगरपालिका लागू की है। यह व्यवस्था सिर्फ उज्जैन में ही अभी तक चालू हो पाई है। इंदौर, भोपाल और जबलपुर ने हाथ खड़े कर दिए हैं। ग्वालियर में पिछले डेढ़ महीने से काम चल रहा है, लेकिन सॉफ्टवेयर ठीक से काम नहीं करने की वजह से लोगों की संपत्ति का अपडेट क्षेत्र नहीं दिखा रहा। साथ ही जिस भवन के एक से अधिक मालिक हैं, उनमें सिर्फ एक का ही नाम दिख रहा है।