ग्वालियर | छात्र जीवन में अनुशासन जरूरी है। यह कहना था डॉ. अर्चना चतुर्वेदी ने कही। भारत विकास परिषद के बाल संस्कार शिविर में उन्होंने कहा कि हमें समय प्रबंधन का महत्व भी समझना होगा। अगर हम समय पर कार्य नहीं करेंगे तो इसका नकारात्मक असर हमारे जीवन पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि समय पर सोना, उठना, समय पर अपने कार्य पूरे करना ही सफलता की ओर बढ़ता कदम है। इस दौरान बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी भी दी गई। शिविर में एक्सपर्ट श्यामा बत्रा ने बच्चों को वेस्ट आइटम से विभिन्न क्राफ्ट आइटम बनाने की जानकारी दी। उन्होंने थर्माकॉल की प्लेट पर घोसला बनाने के अलावा अन्य चीजों की जानकारी दी। वहीं उमा बंसल ने ड्रांइग रूम के लिए सुंदर कॉर्नर शोपीस बनाने के बारे में बताया। आरती गर्ग ने सिंधी कढ़ाई के बारे में बताया।