याराना और श्यामा म्यूजिक ग्रुप की म्यूजिक नाइट, दो स्थान और गायक कलाकार वह जो शौकिया तौर पर गाते हैं। उद्देश्य था ऐसे ही युवा और वरिष्ठ सिंगरों को मंच देना। म्यूजिक नाइट का आयोजन पड़ाव और सिटी सेंटर स्थित एक होटल में हुआ। इसमें खासतौर पर पुरानी फिल्मों के गीतों का चयन किया। शाम 7 बजे से शुरू हुई यह म्यूजिक नाइट रात 10.30 बजे तक चली। इसमें डॉ. एलएन लाहा ने आज की पढ़ाई हो गई लड़ाई, किताबों ने बच्चों पर कर दी है चढ़ाई.. और मेरे सामने वाली खिड़की..., महेंद्र सिंह ने ए फूलों की रानी..., स्वाति परमार ने दिल तो है दिल..., केके सक्सेना ने जो तुमको हो पसंद..., अशोक जैन ने तुमको पुकारे मेरा..., राज बल्लभ रुक जा ओ जाने..., जीसी शर्मा ने अब क्या मिसाल... ने गीत सुनाया।
Musical Program
शहर में दो जगह हुए संगीत कार्यक्रमों में शौकिया गायकों ने दी प्रस्तुति
कार्यक्रम में गीतों की प्रस्तुति देतीं याराना म्यूजिक ग्रुप की शौकिया कलाकार। दूसरे चित्र में श्यामा ग्रुप के वरिष्ठ और युवा सिंगर।
कार्यक्रम में रोचक सवाल-जवाब भी हुए। इसमें पूछा गया कि भारत में आलू सबसे ज्यादा कहां होता है। इस पर जवाब आया समोसे में। कुछ इसी तरह के अन्य सवाल भी पूछे गए।
श्यामा ग्रुप में इन सिंगरों ने दी प्रस्तुति
श्यामा म्यूजिक के कार्यक्रम में विनोद गर्ग ने एक हसीन शाम..., अजय चक्रवर्ती ने चले थे साथ मिलकर..., मानवेंद्र यादव ने फूलों के रंग से दिल..., स्वाति ने पिया तो से नयना..., महेंद्र सिंह ने मेरा दिल था अकेला..., मनीषा ने तू शायर..., संजय सप्रा ने आज से मेरी सारी..., संजय धूपर ने मैं निकला गड्डी लेकर..., प्रदीप गर्ग ने लगी आज सावन... और सुधा रावत ने एक तू ना मिला सारी.... गीतों की प्रस्तुति दी।