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सिटी ट्रांसपोर्ट: पहली बार आईं दो कंपनियां आगे अब सरकार करेगी िनर्णय, कौन चलाएगा बस

3 वर्ष पहले
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पॉलिटिकल रिपोर्टर | ग्वालियर

सिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत चलाई जाने वाली बस सर्विस के लिए ग्वालियर एवं इंदौर की दो ट्रांसपोर्ट कंपनियां आगे आई हैं। इन कंपनियों ने सरकार की शर्तों को मानते हुए बस संचालन के लिए टेंडर भर दिए हैं और स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने इन टेंडरों पर मप्र के नगरीय विकास मंत्रालय के पास निर्णय के लिए भेज दिया है।

अफसरों के मुताबिक, यदि अगले महीने तक भी मंत्रालय से इस पर फैैसला हो जाता है और किसी भी कंपनी को काम करने का आदेश दिया जाता है तो संभवत: दीपावली से पहले ग्वालियर में सिटी बस सर्विस शुरू हो सकती है। बस सर्विस के रूट, वर्कशॉप, स्टैंड, टिकट व अन्य सेवाओं की प्लानिंग हो चुकी है। इस सर्विस के तहत ग्वालियर शहर में 16 और शहर से बाहर के रूट पर 16 बसें चलाई जाएंगी। गौरतलब है कि ग्वालियर में सिटी बस के लिए पिछले कई वर्षों से कवायद चल रही है। लेकिन ट्रांसपोर्ट कंपनियां इसमें रुचि नहीं ले रहीं थीं और तीन बार निकाले गए टेंडरों में किसी ने टेंडर नहीं भरा था।

जानिए... अफसर-सरकार की किस रणनीति से आ सकीं कंपनियां

सरकार: सरकार ने भोपाल, इंदौर के साथ गुजरात व दूसरे राज्यों में सिटी बस सर्विस का सर्वे कराया। जिसमें एक तथ्य सामने आया कि मौजूदा दौर में बस कारोबार मुनाफा कम, घाटा ज्यादा सहन कर रहा है। सरकार ने तय किया कि सिटी बस सर्विस के लिए ट्रांसपोर्ट कंपनियों को सरकार मदद देगी।

ऐसे चलेगी बस सर्विस

ऑनलाइन सीट बुकिंग भी कराई जा सकेगी: सिटी बसों में ऑनलाइन सीट बुकिंग भी कराई जा सकेगी। जिसके लिए ग्वालियर सिटी बस की एक एप बनेगा और दूसरे एप से भी इस बस सर्विस को कनेक्ट किया जाएगा। साथ ही बसों में टिकट के लिए ऑटोमैटिक मशीन रहेगी।

बस: शहर के दो क्लस्टर में 16 व शहर से बाहर के 6 रूट पर 16 बसें चलाई जाएंगी। सड़कों की चौड़ाई को देखते हुए मीडियम साइज की 40 सीटर बसें चलाई जाएंगी। कोशिश होगी कि हर 10 से 15 मिनट में स्टॉप पर लोगों को बस मिल सके।

अफसर: ट्रांसपोर्ट कंपनियों द्वारा रुचि न लेने से अफसराें ने पहले बस ऑपरेटरों के साथ बैठक की। फिर बस संचालन में उन्हें आने वाली कठिनाई समझी। फिर दूसरे शहरों में सिटी बस का संचालन कर रही कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की और सभी बातों को ध्यान में रखते हुए नियम-शर्ते आसान कर तय की गईं।

शहर: क्लस्टर 1 में बस एयरफोर्स स्टेशन से सूर्य मंदिर चौराहा, काल्पी रोड, यूनिवर्सिटी रोड, तानसेन होटल, सिटी सेंटर से एकतापुरी कॉलोनी होते हुए गुड़ीगुड़ा का नाका तक पहुंचेगी। दूसरे रूट में ट्रिपल आईटीएम से हजीरा थाना, बिरला स्टेशन, गोले का मंदिर, आकाशवाणी, सिटी सेंटर, यूनिवर्सिटी रोड से हाईकोर्ट होते हुए कलेक्टोरेट तक जाएगी। क्लस्टर 2 में बस डीडी नगर से इंदरगंज तक जाएगी।

बदलाव: हब एंड स्कोप मॉडल लागू किया। जिसके तहत बस के लिए कंपनी को सरकार द्वारा फाइनेंस के लिए सपोर्ट किया जाएगा। सरकार बस संचालन शुरू करने के लिए अधिकतम 18 करोड़ तक की राशि अपनी तरफ से कंपनी को देगी। लेकिन, जो कंपनी यह राशि कम मांगेगी। उसी को काम करने का मौका दिया जाएगा।

दो कंपनियों ने दिखाई रुचि

सिटी ट्रांसपोर्ट के तहत बस चलाए जाने के लिए टेंडर कॉल किए गए थे। जिसमें दो कंपनियों ने रुचि दिखाई है और शासन स्तर पर टेंडर प्रस्ताव फाइनल किए जाने पर विचार चल रहा है। यदि वहां से इनमें से किसी कंपनी को बस चलाने का आदेश मिलता है तो 4 से 5 महीने में बस सेवा शुरू हो सकती है। - राहुल जैन, कलेक्टर

ग्वालियर और इंदौर की दो कंपनियों ने टेंडर डालकर बस संचालन में रुचि दिखाई है। जिनके प्रस्ताव राज्य शासन के नगरीय विकास मंत्रालय के पास भेज दिए गए हैं। बस संचालन के लिए टिकट, रूट, यूनिफार्म आदि सभी व्यवस्थाओं का कंट्रोल सिस्टम स्मार्ट सिटी कंपनी के पास होगा। - महीप तेजस्वी, सीईओ/स्मार्ट सिटी

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