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असफलता से सीखेंं, कमजोरी पहचानें और करें दूर, यूजी से करेंगे तैयारी तो मिलेंगे ज्यादा मौके

3 वर्ष पहले
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आप यह कभी मत सोचो कि बहुत कुछ आता है, अभी आपको बहुत कुछ सीखना है। कई बार युवा पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी का मन बनाते हैं। मेरा मानना है कि आप सिविल सर्विसेज में जाना चाहते हैं तो ग्रेजुएशन की फाइनल ईयर से ही यह एक्जाम देने की शुरुआत करें। उस समय आपकी उम्र 23 और 24 की होती है। कई बार पहले और दूसरे अटैम्प्ट में सफलता नहीं मिलती। इससे घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन दो अटैम्प्ट के बाद आपको पता लग जाएगा कि आखिरी कमजोरी कहां है। समय रहते इसे दूर करें यह बात यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन प्रो. डीपी अग्रवाल ने कही। वह मंगलवार को आईआईटीटीएम में आयोजित सेमिनार में छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर संस्थान के डायरेक्टर प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ, डॉ. सौरभ दीक्षित आदि मौजूद रहे।

प्रो. डीपी अग्रवाल

कार्यक्रम में आईआईटीटीएम के जूनियर और सीनियर बैच के स्टूडेंट्स शामिल हुए।

सफलता के लिए दिए 3 मंत्र

डाटा एनालिटिकल | किसी भी प्रोफेशन में जाएं, आईटी की मदद से डाटा एनालिटिकल जरूर करें। अगर टूरिज्म में हैं तो डाटा एनालिटिकल से यह पता करें कि सबसे सस्ता टूर कैसे हो सकता है। पॉकेट डायरी के माध्यम से पर्यटकों को इसके बारे में बताएं।

सेल्फ लर्नर | जो भी अच्छी बातें और चीजें मिलें उनसे सीखें और हमेशा सीखने की आदत बरकरार रखें।

सर्विस प्रोवाइडर बनें | किसी भी प्रोफेशन में रहें, सर्विस और प्रोडक्ट प्रोवाइडर बनें।

2017 में आए थे 12 लाख आवेदन

उन्होंने कहा, आपको बताना चाहता हूं कि सिविल सर्विसेज की तरफ युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ा है। 2017 में 1 हजार वैकेंसी के लिए 12 लाख के करीब आवेदन आए थे। इसमें साढ़े 6 लाख प्रतिभागी परीक्षा में शामिल हुए और 200 प्रतिभागी आईएएस बने। इससे इस कॉम्पटीशन के लेवल का अंदाजा आप लगा सकते हैं।

कमेटी बनाई है इसलिए बदलाव होंगे

उन्होंने कहा कि सिविल सर्विसेज के पैटर्न में बदलाव होगा। इसको लेकर सरकार ने कमेटी भी बनाई है, लेकिन बदलाव क्या होगा, यह कमेटी के ड्राफ्ट जारी करने के बाद ही पता चलेगा।

यह भी कहा

आप लोग आपस में बेहतर जोड़ने वाले बनें। पर्यटन ह्यूमन रिलेशनशिप है न कि विजिटिंग प्लेस। आप लोग पैसा ईमानदारी से कमाएं न कि बेईमानी से। यह खूबियां ही आपको दूसरों से अलग बनाएंगी।

यह रहे सवाल-जवाब

 एक आईएएस को आप सबसे अलग कैसे मानते हैं?

- अभी आप केवल अपने कोर्स के बारे में पढ़ रही हैं। जब यूपीएससी एक्जाम की तैयारी करेंगे तो आपको भारतीय संविधान, इतिहास, संस्कृति, इकोनॉमी, कानून व्यवस्था सहित अन्य विषयों की जानकारी होगी। उदाहरण के तौर पर एक कलेक्टर के पास 42 कार्य हैं तो उसमें यह भी शामिल होगा कि शहर में टूरिज्म कैसे बढ़ाया जाए।

 देश में एजुकेशन एक जैसी नहीं है, आपका क्या मानना है?

- एजुकेशन सबके लिए बराबर है, प्रांत के हिसाब से एजुकेशन सिस्टम अलग-अलग हो सकता है। यह आप तय करते हैं कि आपको किस तरह से पढ़ना है। बात प्रतियोगी परीक्षा की करें तो यूपीएससी जो एक्जाम कंडक्ट कराता है, उसका पैटर्न हर प्रतिभागी के लिए बराबर होता है।

 देश के ऐसे पर्यटन स्थल, जो विकसित नहीं है उसके लिए क्या होना चाहिए?

- ऐसे पर्यटन स्थल के लिए आप खुद भी प्रयास कर सकते हैं। ऐसे स्थलों पर थीसिस लिखिए, यह 10 पेज की भी हो सकती है और 50 पेज की भी। फिर इन्हें प्रकाशित कराएं, इस तरह आप भी कुछ बेहतर कर सकते हैं।

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