आईने के सामने बोलें संवाद, दूर होंगी कमियां
सिटी रिपोर्टर | ग्वालियर
बेहतर ढंग से संवाद बोलने के लिए आप आईने के सामने खड़े होकर संवाद बोलने का अभ्यास करें। इससे कमियां दूर होंगी और अभिनय में निखार आएगा। इससे पहले आपको नाट्य शास्त्र के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। यह जानकारी एक्सपर्ट संजय लघाटे ने दी। आर्टिस्ट कंबाइन इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स की ओर से नाट्यकला मंदिर में शुरू किए गए रंग शिविर में प्रतिभागियों को नाट्य से जुड़ी जानकारी दी गई। एक्सपर्ट ने कहा कि स्टेज के कई भाग होते हैं। आगे के भाग को डाउन और पीछे के भाग को अप स्टेज कहते हैं। इस हिसाब से ही कलाकारों की पोजिशन तय होती है। एक कलाकार को यह बारीकियां जानना जरूरी है, तभी वह स्टेज पर बेहतर ढंग से अभिनय कर सकता है। इस दौरान प्रतिभागियों ने संवाद बोलने और अभिनय का अभ्यास किया। अंत में एक्सपर्ट ने उनकी गलतियां बताईं और उन्हें दूर करने के तरीके बताए।
नाट्य मंदिर में प्रतिभागियों को अभिनय की बारीकियां बताते एक्सपर्ट।
19 को होगा रंग शिविर का समापन
रंग शिविर का समापन 19 मई को होगा। शाम 7.30 बजे से होने वाले समापन समारोह में प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए नाटक, माइम और एकल अभिनय की प्रस्तुति दी जाएगी। इसका अभ्यास भी इन दिनों किया जा रहा है। इनमें हर उम्र के प्रतिभागियों को शामिल किया गया है।