आज जो लिखा जा रहा है, जो छापा जा रहा है वो आम आदमी को उद्वेलित क्यों नहीं करता। आजकल लेखक लिख ज्यादा रहे हैं, पढ़ कम रहे हैं। किताबें गांव तक आसानी से पहुंचंे, इस पर विचार करें। यह बात डॉ. राम विद्रोही ने कही। वे ग्वालियर पुस्तक मेले में ग्रामीण पत्रकारिता संस्थान द्वारा आयोजित ‘किताबें कैसे पहुंचंे गांव’ विषय पर आयोजित परिसंवाद में बोल रहे थे। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार देवश्री माली ने की। इस मौके पर कार्यक्रम में सुरेंद्र माथुर, प्रमोद भार्गव, वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र झारखरिया, सुभाष अरोरा मौजूद रहे। पंकज चतुर्वेदी ने विषय की जानकारी दी। पुस्तक मेले में परितोष मालवीय द्वारा अनुदित किताब ‘अशांत विश्व में भारत की सुरक्षा’ का विमोचन भी हुआ। किताब के मूल लेखक एयर कमोडोर जसजीत सिंह हैं। इस मौके पर शायर अतुल अजनबी और रश्मि सबा का सम्मान हुआ।
पुस्तक मेले में ‘किताबें कैसे पहुंचें गांव’ विषय पर हुए परिसंवाद में बोले वक्ता
Book Fair
कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन करते अतिथि।
सिलाई मशीन का डेमो देते स्टॉल संचालक।
छह इंच की मशीन
सिलाई मशीन, इसे हाथों के बीच में फंसाकर हल्की-फुल्की सिलाई आसानी से की जा सकती है। इसे पॉकेट में भी आसानी से रखा जा सकता है।