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एक दर्जन स्थानों पर लगे हैं वाटर एटीएम

3 वर्ष पहले
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ग्वालियर डीबी स्टार

नगर निगम के अफसरों ने अगस्त 2017 में शहर में 11 स्थानों पर वाटर एटीएम की व्यवस्था शुरू की थी। इसके लिए दिल्ली की डेल्टा प्योर कंपनी को वॉटर बूथ स्थापित करने का ठेका दिया गया था। कंपनी ने शहर में बस स्टैंड, सदर बाजार मुरार, जिला अस्पताल मुरार, गोला का मंदिर, तानसेन नगर, हजीरा, फूलबाग, गांधी मार्केट, राजीव प्लाजा, ओल्ड हाईकोर्ट, ट्रॉमा सेंटर, चिड़ियाघर पर ठंडा आरओ वाटर उपलब्ध कराने के लिए एटीएम लगाए हैं। इन एटीएम पर पहुंचने वाले लोगों को एक रुपए में 250 एमएल पानी दिया जाता है और दो रुपए में बोतल सहित यही पानी उपलब्ध कराया जाता है। बहुत सारे लोग इन वाटर एटीएम पर जब बोतल सहित पानी लेने के लिए पहुंचते हैं, तो पता चलता है कि यहां बोतलें उपलब्ध ही नहीं हैं। कुछ जागरूक नागरिकों की शिकायत पर डीबी स्टार टीम ने मामले की पड़ताल की, तो खुलासा हुआ कि इन वाटर एटीएम को शाम के समय ही बंद कर दिया जाता है। अलग-अलग इलाकों में अधिकतम सात बजे तक ये बूथ बंद कर दिए जाते हैं, जबकि इस गर्मी के मौसम में शहर में लोग शाम के समय ही घूमने निकलते हैं।

वाॅटर एटीएम की टाइमिंग बढ़ाएंगे

 अभी हम जरूरत के हिसाब से आठ-आठ घंटे की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगा रहे हैं, वहीं कई जगहों पर एक ही शिफ्ट चल रही है। अब हम दोबारा रिव्यू कराकर इन एटीएम की टाइमिंग बढ़ाएंगे। जिन स्थानों पर कर्मचारी जल्दी चले जाते हैं, उन्हें भी चेक कराया जाएगा। अब हम सभी जगहों पर बोतलें पहुंचा रहे हैं। जहां तक वेतन की बात है, तो बैंकों द्वारा चिल्लर न लेने से दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब हमने आरबीआई से पत्राचार किया है। वहां से हर 15 दिन में हमें चिल्लर के बदले नोट मिलेंगे, जिनसे हम कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर देंगे। राजीव श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट मैनेजर, डेल्टा प्योर इंडिया

वेतन मिल रहा है लेट

इन वाटर एटीएम पर कार्य कर रहे ऑपरेटरों का कहना है कि उन्हें देरी से वेतन मिल रहा है। ऐसे में उन्हें दैनिक खर्च चलाने में दिक्कत आ रही है। वहीं इस मामले में कंपनी के अफसरों का कहना है कि इन एटीएम पर अधिकांश लोग चिल्लर लेकर आते हैं। कंपनी को जो आय होती है वह चिल्लर में होती है और बैंक आजकल चिल्लर जमा नहीं कर रहे हैं। जो लोग नोट लेकर पहुंचते हैं, वे भी चिल्लर लेने से मना कर देते हैं। इसके चलते कंपनी अपने कर्मचारियों को कैसे भुगतान करे।

ये है बोतल न मिलने का कारण

नगर निगम ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर इन वाटर एटीएम को शुरू किया है। इसमें प्रत्येक एटीएम को लगाने में 12 लाख रुपए का खर्च हुआ है। कंपनी को शुरूआत में सात साल तक इन एटीएम का संचालन करना है। प्रत्येक एटीएम में 250 लीटर प्रति घंटे का आरओ प्लांट लगा हुआ है। इसमें बोतल सहित 250 मिली पानी दो रुपए में दिया जाता है, जबकि प्रति लीटर बोतल की कीमत 3.75 रुपए होती है। ऐसे में घाटा देखते हुए कंपनी ने ज्यादातर एटीएम पर बोतल रखना बंद कर दिया है।

ये हैं पानी के रेट

इन वाटर एटीएम पर एक रुपए में 250 मिली पानी दिया जाता है। इतना ही पानी बोतल सहित लेने के लिए दो रुपए का शुल्क है। एक लीटर पानी पांच रुपए में और बोतल सहित लेने पर आठ रुपए में दिया जाता है। 10 लीटर पानी के लिए 18 रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है, लेकिन कंपनी के पास कैन उपलब्ध न होने के कारण इसे बोतल सहित नहीं दिया जाता है।

वाटर एटीएम से पानी पीते लोग।

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