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पानी न मिलने पर जलघर पर जड़ा ताला, समझाने पहुंचे एसडीओ को बैठाया, एसडीओ ने कान पकड़ मांगी माफी

3 वर्ष पहले
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भिवानी | हरियाणा में भिवानी के गांव मंढाना वासी पिछले दो साल से नहरी पानी की सप्लाई को तरस रहे हैं। गुरुवार को महिलाओं ने गांव के जलघर को ताला जड़ दिया। विभाग ने एसडीओ बलवान शर्मा को भेजा। ग्रामीणों ने एसडीओ को वहीं बैठा लिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा। वे विभाग के किसी कर्मचारी को घर नहीं जाने देंगे। महिलाओं ने कहा कि आप यह पानी पी सकते हैं। ऐसे में महिलाओं को गुस्सा देखकर एसडीओ ने अपने कान तक पकड़ लिए। मगर महिलाओं ने कह दिया जब तक समाधान नहीं, तब तक नहीं जाने देंगी।

डायबिटीज की दवा बीजीआर-34 कम करती है हार्टअटैक का खतरा

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली

काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) की ओर से तैयार की गई बीजीआर-34 आयुर्वेदिक दवा मधुमेह रोगियों में हार्टअटैक के खतरे को 50 फीसदी तक कम कर देती है। सीएसआईआर के ही एक रिसर्च में यह बात सामने आई है। रिसर्च के परिणाम को जर्नल ऑफ ट्रेडिशनल एंड कंप्लीमेंट्री मेडिसिन में जगह मिली है। भारत की यह पहली आयुर्वेदिक दवा है, जिसे इस अंतरराष्ट्रीय जर्नल में जगह मिली है। बाजार में इस दवा की 100 गोलियों का एक पैकेट करीब 500 रुपए का है।

जिन मरीजों पर दवा का अध्ययन किया गया, उनमें 50 फीसदी मरीजों में ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन का स्तर नियंत्रित पाया गया। बाकी मरीजों में भी इसके स्तर में दस फीसदी तक की कमी दर्ज की गई। ग्लाकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन की मात्रा जब रक्त में बढ़ जाती है तब रक्त कोशिकाओं से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से मधुमेह रोगियों में हार्ट अटैक और दौरा पड़ने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे मामले मधुमेह रोगियों में बढ़ रहे हैं। शोध में शामिल विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा एलोपैथी दवाएं शर्करा का स्तर कम करती हैं लेकिन इससे जुड़ी बीमारियों को ठीक करने में सहायक नहीं होती हैं। जबकि आयुर्वेदिक तकनीक से तैयार दवा इसमें भी कारगर है। यह बात अध्ययन पर साबित हुई है।

पहली बार काेई भारतीय आयुर्वेदिक दवा शामिल हुई अंतरराष्ट्रीय जर्नल में

क्यूबा में विमान क्रैश, 104 यात्री सवार

एजेंसी|हवाना

क्यूबा की सरकारी एयरलाइंस का विमान शुक्रवार को यहां के जोस मार्ती एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही क्रैश हो गया। इसमें 104 यात्री सवार थे। उनके बारे में अभी ब्योरा नहीं मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक बोइंग 737 ने हवाना से होलगुइन के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन कुछ देर बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटनास्थल पर घना धुआं देखा गया।

35 साल पुराने मामले में साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपी बरी...

विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि प्रकरण में कोई महत्वपूर्ण तथ्य नहीं हैं जिन्हें स्वीकार किया जा सके। अभियोजन पक्ष ने जिन चार गवाहों के बयान दर्ज करवाए, उनमें से किसी ने भी आरोपियों के संबंध में घटना को प्रमाणित करने वाला कोई साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया है। प्रकरण में आरोपियों की ओर से अभिभाषक मुकेश गुप्ता, संजय शर्मा, अभिषेक शर्मा ने और शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक जागेश्वर सिंह भदौरिया ने पैरवी की।

इन्हें बनाया था गवाह: राजमाता विजयाराजे सिंधिया, माधवशंकर इंदापुरकर, नारायण कृष्ण शेजवलकर, शीतला सहाय, गंगाराम बांदिल, सरदार एससी आंग्रे, मोहन सिंह, दयाशंकर वाजपेयी, बाबूलाल पाल, श्रीमति अंजरिबाई शिंदे, माधवराव शिंदे, पीआर अरगडे, शंकरलाल इलेक्ट्रीशियन (इन सभी का निधन हो चुका है), किरन शिंदे, बद्री, बिरसाराम, शारदा. राजेंद्र शर्मा, अरगडे, गनपत सिंह यादव, रुस्तम सिंह, जंग बहादुर सिंह, लोकेंद्र सिंह तोमर, रमेश पठारिया, बीबी गिरी, एसके मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी (टेलीफोन एक्सचेंज, ग्वालियर), प्रशासनिक अधिकारी पासपोर्ट (नई दिल्ली), डीएम कार्यालय (ग्वालियर), बिल विभाग प्रभारी (मप्र विद्युत मंडल), ध्यानेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद, गंभीर सिंह, पन्नालाल, आरएस वर्मा।

चुनाव से पहले नरोत्तम मिश्रा को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- पेड न्यूज के सबूत नहीं...

याचिकाकर्ता के वकील की दलीलें : शिकायतकर्ता के वकील आल इंडिया कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष विवेक तन्खा ने अपनी दलीलों में यह कहा था कि यह देश का सबसे बड़ा पेड न्यूज का मामला है। जांच कमेटी ने मिश्रा के समर्थन में प्रकाशित 48 आर्टिकल में से 42 पेड न्यूज पाए थे। उन्होंने दलील दी थी कि न्यूज प्रकाशित होने का समय, उनकी भाषा, तारीख, हेडलाइन सब यह साबित करती हैं कि प्रकाशित न्यूज पेड न्यूज थीं। पेड न्यूज के बारे में जांच कर रही समिति ने मंत्री को जांच रिपोर्ट समेत कारण बताओ नोटिस भेजा, लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। जिन दो पत्रकारों ने मंत्री के हक में बयान दिए वह उनके दोस्त थे। वह समाचार प्रशासन द्वारा उनका पक्ष रखने के लिए अधिकृत नहीं थे पूछने पर खुद उन्होंने यह बात कबूली है। उन्होंने कहा था कि यह चुनाव आयोग का काम है कि वह प्रत्याशियों के चुनाव खर्च पर नजर रखें। चुनाव खर्च तय नियम से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

मंत्री के वकील की दलीलें : मंत्री के वरिष्ठ वकील सुंदरम, वंशजा शुक्ला और भारत सिंह ने कोर्ट में कहा था कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें पेड न्यूज नहीं थी। समाचार पत्रों ने खुद यह मानते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी मर्जी से यह खबरें प्रकाशित की। ऐसे में उनके खिलाफ मामला नहीं बनता है। वकील ने तर्क रखा कि इस मामले में 2013 में पहली बार उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। जिसके 4 साल बाद चुनाव आयोग ने 26 अगस्त 2017 को उनके खिलाफ कार्रवाई की। यह कार्रवाई देरी से की गई। उनका आरोप था कि इस मामले में शिकायतकर्ता को लाभ दिया गया है। चुनाव आयोग ने अपने आप ही मान लिया कि यह पेड न्यूज है। पहले शिकायतकर्ता को यह साबित करना होगा कि समाचार पत्रों में पेड़ न्यूज प्रकाशित हुई थी। पेड न्यूज वो होता है जिसके लिए पैसे दिए गए। पैसे कोई भी दे सकता है चाहे राजनीतिक दल हो या फिर उम्मीदवार का समर्थक।

यह है पूरा मामला : हाईकोर्ट से पूर्व नरोत्तम मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग के फैसले पर रोक लगा दी थी। आयोग ने नरोत्तम मिश्रा को 2008 के विधानसभा चुनाव में पेड न्यूज के मामले में अयोग्य घोषित किया था। इस वजह से नरोत्तम राष्ट्रपति चुनाव में वोट भी नहीं डाल पाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने के साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट को मामले की जल्द सुनवाई के निर्देश दिए थे। पहले सिंगल बेंच ने आयोग के आदेश को बरकरार रखा। इस निर्देश को डबल बेंच में चैलेंज किया गया था।

याचिकाकर्ता राजेंद्र भारती बोले : माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत 8 महीने बाद फैसला आना अन्याय की श्रेणी के अंतर्गत पहले से ही था। भ्रष्ट मंत्री को कोर्ट द्वारा संरक्षण दिए जाने से न केवल चुनाव आयोग के अस्तित्व को चुनौती दी गई बल्कि कानून से जनता का विश्वास ही खत्म हो जाएगा। हाईकोर्ट के डबल बैंच के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने के मामले में पार्टी तय करेगी।

मोदी की कश्मीर यात्रा से पहले पाक की...

जम्मू फ्रंटियर के बीएसएफ महानिरीक्षक राम अवतार ने कहा कि बीएसएफ ने पाकिस्तान की सीमा में जवाबी गोलीबारी की है। इसमें पाकिस्तानी सेना को बड़ा नुकसान हुआ है। हमने अपने शहीद जवान का बदला ले लिया है। पाकिस्तानी चैनलों पर इसकी खबर देखी जा सकती है।

पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया : पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर सीजफायर का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को तलब किया। पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर पुखलियां, काहप्रार, हरपाल, चरवाह और शकरगढ़ इलाकों में गोलीबारी की। खानूर गांव में भारतीय सेना की गोलीबारी में पाकिस्तान के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय सेना की गोलीबारी जारी है।

गडकरी बोले- भ्रष्टाचार करने वाले ठेकेदार को सड़क की गिट्टी में गाड़ दूंगा...

बैतूल-भोपाल रोड का काम हमने शुरू कर दिया है। मैं सिर्फ घोषणा नहीं करता बल्कि उसे पूरा करके भी दिखाता हूं। सिंचाई के लिए उनकी सरकार बहुत काम कर रही है। अब नहर से नहीं पाइप से पानी खेतों में पहुंचाएंगे। मध्यप्रदेश में 60 हजार करोड़ रुपए खर्च कर खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा।

अचानक मंच पर आया पसीना, तुरंत किया इलाज : मंच पर गडकरी अपने संबोधन के बाद जैसे ही वापस बैठे तो उन्हें अचानक पसीना आने लगा और वे असहज महसूस करने लगे। उन्हें तुरंत सुरक्षा वाहन में ले जाया गया और एसी में बैठाया गया। इस दौरान उन्हें कुछ मीठा भी खिलाया गया। कुछ देर बाद उनकी स्थिति में सुधार आया और वे सहज दिखने लगे। डॉक्टरों का कहना था कि संभवत: उनका ब्लडप्रेशर कम हो गया था। बाद में वे हेलीकॉप्टर से रवाना हो गए।

बिना सिम चलेगा स्मार्टफोन,18 कनेक्शन तक ले...

इसके अलावा प्रति उपभोक्ता सिम कनेक्शन की अधिकतम सीमा 9 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है। इनमें से 9 सिम का इस्तेमाल सामान्य मोबाइल फोन सेवाओं के लिए, जबकि बाकी का मशीन-टू-मशीन कम्यूनिकेशन जैसे डोंगल या स्मार्टवॉच में किया जा सकेगा। यूजर्स किसी भी सर्विस प्रोवाइडर टेलीकॉम कंपनी से नया कनेक्शन लेगा, तो उसके स्मार्टफोन में इंबेडेड सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल यानी ई-सिम डाल दिया जाएगा। ई-सिम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की जानकारी टेलीकॉम कंपनियां अपने डाटाबेस में दर्ज कर लेंगी। इससे देश के 115 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को फायदा होगा। सभी टेलीकॉम कंपनियां ई-सिम की सुविधाएं दे सकती हैं। देश में अभी रिलायंस जियो और एयरटेल ई-सिम की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल एप्पल वॉच में करती हैं। दोनों ने पांच दिन पहले ही इनकी बिक्री शुरू की है। 2016 में लॉन्च इस तकनीक को सबसे पहले सैमसंग ने स्मार्टवॉच गियर-2 में इस्तेमाल किया था।

8 साल पहले 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर येदि...

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणियों के साथ उनका फैसला रद्द कर दिया था। बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने के खिलाफ कांग्रेस रात को फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। शनिवार सुबह 10.30 बजे इस पर सुनवाई होगी। हालांकि, भाजपा का दावा है कि 10 साल पहले 2008 में भी वह प्रोटेम स्पीकर बन चुके हैं। सामान्यत: सबसे सीनियर विधायक प्रोटेम स्पीकर बनता है। कांग्रेस विधायक आरवी देशपांडे का नाम इस पद के लिए चर्चा में था।सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल पर भी तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि संविधान से मिली उच्च शक्तियाें का राज्यपाल ने खराब ढंग से इस्तेमाल किया। इस मुद्दे पर 10 हफ्ते बाद विचार होगा। कोर्ट ने डीजीपी को फ्लोर टेस्ट के दौरान उचित सुरक्षा व्यवस्था का आदेश दिया है।

सभी दलों का एक-दूसरे पर आरोप: भाजपा नेता प्रीतम गौड़ा ने माना कि येद्दियुरप्पा के समर्थन में वोट जुटाने के लिए वह जेडीएस विधायकों के संपर्क में हैं।

कुमारस्वामी बोले- भाजपा ने दो विधायकों को अगवा किया है। लेकिन भरोसा है कि दोनों हमारे साथ ही आएंगे।

कांग्रेस ने ऑडियाे जारी कर भाजपा नेता जनार्दन रेड्‌डी पर विधायकों को लालच देने का आरोप लगाया।

ग्वालियर, शनिवार, 19 मई , 2018

35 साल पुराने मामले में साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपी बरी...

विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि प्रकरण में कोई महत्वपूर्ण तथ्य नहीं हैं जिन्हें स्वीकार किया जा सके। अभियोजन पक्ष ने जिन चार गवाहों के बयान दर्ज करवाए, उनमें से किसी ने भी आरोपियों के संबंध में घटना को प्रमाणित करने वाला कोई साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया है। प्रकरण में आरोपियों की ओर से अभिभाषक मुकेश गुप्ता, संजय शर्मा, अभिषेक शर्मा ने और शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक जागेश्वर सिंह भदौरिया ने पैरवी की।

इन्हें बनाया था गवाह: राजमाता विजयाराजे सिंधिया, माधवशंकर इंदापुरकर, नारायण कृष्ण शेजवलकर, शीतला सहाय, गंगाराम बांदिल, सरदार एससी आंग्रे, मोहन सिंह, दयाशंकर वाजपेयी, बाबूलाल पाल, श्रीमति अंजरिबाई शिंदे, माधवराव शिंदे, पीआर अरगडे, शंकरलाल इलेक्ट्रीशियन (इन सभी का निधन हो चुका है), किरन शिंदे, बद्री, बिरसाराम, शारदा. राजेंद्र शर्मा, अरगडे, गनपत सिंह यादव, रुस्तम सिंह, जंग बहादुर सिंह, लोकेंद्र सिंह तोमर, रमेश पठारिया, बीबी गिरी, एसके मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी (टेलीफोन एक्सचेंज, ग्वालियर), प्रशासनिक अधिकारी पासपोर्ट (नई दिल्ली), डीएम कार्यालय (ग्वालियर), बिल विभाग प्रभारी (मप्र विद्युत मंडल), ध्यानेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद, गंभीर सिंह, पन्नालाल, आरएस वर्मा।

चुनाव से पहले नरोत्तम मिश्रा को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- पेड न्यूज के सबूत नहीं...

याचिकाकर्ता के वकील की दलीलें : शिकायतकर्ता के वकील आल इंडिया कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष विवेक तन्खा ने अपनी दलीलों में यह कहा था कि यह देश का सबसे बड़ा पेड न्यूज का मामला है। जांच कमेटी ने मिश्रा के समर्थन में प्रकाशित 48 आर्टिकल में से 42 पेड न्यूज पाए थे। उन्होंने दलील दी थी कि न्यूज प्रकाशित होने का समय, उनकी भाषा, तारीख, हेडलाइन सब यह साबित करती हैं कि प्रकाशित न्यूज पेड न्यूज थीं। पेड न्यूज के बारे में जांच कर रही समिति ने मंत्री को जांच रिपोर्ट समेत कारण बताओ नोटिस भेजा, लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। जिन दो पत्रकारों ने मंत्री के हक में बयान दिए वह उनके दोस्त थे। वह समाचार प्रशासन द्वारा उनका पक्ष रखने के लिए अधिकृत नहीं थे पूछने पर खुद उन्होंने यह बात कबूली है। उन्होंने कहा था कि यह चुनाव आयोग का काम है कि वह प्रत्याशियों के चुनाव खर्च पर नजर रखें। चुनाव खर्च तय नियम से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

मंत्री के वकील की दलीलें : मंत्री के वरिष्ठ वकील सुंदरम, वंशजा शुक्ला और भारत सिंह ने कोर्ट में कहा था कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें पेड न्यूज नहीं थी। समाचार पत्रों ने खुद यह मानते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी मर्जी से यह खबरें प्रकाशित की। ऐसे में उनके खिलाफ मामला नहीं बनता है। वकील ने तर्क रखा कि इस मामले में 2013 में पहली बार उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। जिसके 4 साल बाद चुनाव आयोग ने 26 अगस्त 2017 को उनके खिलाफ कार्रवाई की। यह कार्रवाई देरी से की गई। उनका आरोप था कि इस मामले में शिकायतकर्ता को लाभ दिया गया है। चुनाव आयोग ने अपने आप ही मान लिया कि यह पेड न्यूज है। पहले शिकायतकर्ता को यह साबित करना होगा कि समाचार पत्रों में पेड़ न्यूज प्रकाशित हुई थी। पेड न्यूज वो होता है जिसके लिए पैसे दिए गए। पैसे कोई भी दे सकता है चाहे राजनीतिक दल हो या फिर उम्मीदवार का समर्थक।

यह है पूरा मामला : हाईकोर्ट से पूर्व नरोत्तम मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग के फैसले पर रोक लगा दी थी। आयोग ने नरोत्तम मिश्रा को 2008 के विधानसभा चुनाव में पेड न्यूज के मामले में अयोग्य घोषित किया था। इस वजह से नरोत्तम राष्ट्रपति चुनाव में वोट भी नहीं डाल पाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने के साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट को मामले की जल्द सुनवाई के निर्देश दिए थे। पहले सिंगल बेंच ने आयोग के आदेश को बरकरार रखा। इस निर्देश को डबल बेंच में चैलेंज किया गया था।

याचिकाकर्ता राजेंद्र भारती बोले : माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत 8 महीने बाद फैसला आना अन्याय की श्रेणी के अंतर्गत पहले से ही था। भ्रष्ट मंत्री को कोर्ट द्वारा संरक्षण दिए जाने से न केवल चुनाव आयोग के अस्तित्व को चुनौती दी गई बल्कि कानून से जनता का विश्वास ही खत्म हो जाएगा। हाईकोर्ट के डबल बैंच के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने के मामले में पार्टी तय करेगी।

मोदी की कश्मीर यात्रा से पहले पाक की...

जम्मू फ्रंटियर के बीएसएफ महानिरीक्षक राम अवतार ने कहा कि बीएसएफ ने पाकिस्तान की सीमा में जवाबी गोलीबारी की है। इसमें पाकिस्तानी सेना को बड़ा नुकसान हुआ है। हमने अपने शहीद जवान का बदला ले लिया है। पाकिस्तानी चैनलों पर इसकी खबर देखी जा सकती है।

पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया : पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर सीजफायर का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को तलब किया। पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर पुखलियां, काहप्रार, हरपाल, चरवाह और शकरगढ़ इलाकों में गोलीबारी की। खानूर गांव में भारतीय सेना की गोलीबारी में पाकिस्तान के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय सेना की गोलीबारी जारी है।

गडकरी बोले- भ्रष्टाचार करने वाले ठेकेदार को सड़क की गिट्टी में गाड़ दूंगा...

बैतूल-भोपाल रोड का काम हमने शुरू कर दिया है। मैं सिर्फ घोषणा नहीं करता बल्कि उसे पूरा करके भी दिखाता हूं। सिंचाई के लिए उनकी सरकार बहुत काम कर रही है। अब नहर से नहीं पाइप से पानी खेतों में पहुंचाएंगे। मध्यप्रदेश में 60 हजार करोड़ रुपए खर्च कर खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा।

अचानक मंच पर आया पसीना, तुरंत किया इलाज : मंच पर गडकरी अपने संबोधन के बाद जैसे ही वापस बैठे तो उन्हें अचानक पसीना आने लगा और वे असहज महसूस करने लगे। उन्हें तुरंत सुरक्षा वाहन में ले जाया गया और एसी में बैठाया गया। इस दौरान उन्हें कुछ मीठा भी खिलाया गया। कुछ देर बाद उनकी स्थिति में सुधार आया और वे सहज दिखने लगे। डॉक्टरों का कहना था कि संभवत: उनका ब्लडप्रेशर कम हो गया था। बाद में वे हेलीकॉप्टर से रवाना हो गए।

बिना सिम चलेगा स्मार्टफोन,18 कनेक्शन तक ले...

इसके अलावा प्रति उपभोक्ता सिम कनेक्शन की अधिकतम सीमा 9 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है। इनमें से 9 सिम का इस्तेमाल सामान्य मोबाइल फोन सेवाओं के लिए, जबकि बाकी का मशीन-टू-मशीन कम्यूनिकेशन जैसे डोंगल या स्मार्टवॉच में किया जा सकेगा। यूजर्स किसी भी सर्विस प्रोवाइडर टेलीकॉम कंपनी से नया कनेक्शन लेगा, तो उसके स्मार्टफोन में इंबेडेड सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल यानी ई-सिम डाल दिया जाएगा। ई-सिम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की जानकारी टेलीकॉम कंपनियां अपने डाटाबेस में दर्ज कर लेंगी। इससे देश के 115 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को फायदा होगा। सभी टेलीकॉम कंपनियां ई-सिम की सुविधाएं दे सकती हैं। देश में अभी रिलायंस जियो और एयरटेल ई-सिम की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल एप्पल वॉच में करती हैं। दोनों ने पांच दिन पहले ही इनकी बिक्री शुरू की है। 2016 में लॉन्च इस तकनीक को सबसे पहले सैमसंग ने स्मार्टवॉच गियर-2 में इस्तेमाल किया था।

8 साल पहले 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर येदि...

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणियों के साथ उनका फैसला रद्द कर दिया था। बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने के खिलाफ कांग्रेस रात को फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। शनिवार सुबह 10.30 बजे इस पर सुनवाई होगी। हालांकि, भाजपा का दावा है कि 10 साल पहले 2008 में भी वह प्रोटेम स्पीकर बन चुके हैं। सामान्यत: सबसे सीनियर विधायक प्रोटेम स्पीकर बनता है। कांग्रेस विधायक आरवी देशपांडे का नाम इस पद के लिए चर्चा में था।सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल पर भी तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि संविधान से मिली उच्च शक्तियाें का राज्यपाल ने खराब ढंग से इस्तेमाल किया। इस मुद्दे पर 10 हफ्ते बाद विचार होगा। कोर्ट ने डीजीपी को फ्लोर टेस्ट के दौरान उचित सुरक्षा व्यवस्था का आदेश दिया है।

सभी दलों का एक-दूसरे पर आरोप: भाजपा नेता प्रीतम गौड़ा ने माना कि येद्दियुरप्पा के समर्थन में वोट जुटाने के लिए वह जेडीएस विधायकों के संपर्क में हैं।

कुमारस्वामी बोले- भाजपा ने दो विधायकों को अगवा किया है। लेकिन भरोसा है कि दोनों हमारे साथ ही आएंगे।

कांग्रेस ने ऑडियाे जारी कर भाजपा नेता जनार्दन रेड्‌डी पर विधायकों को लालच देने का आरोप लगाया।

35 साल पुराने मामले में साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपी बरी...

विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि प्रकरण में कोई महत्वपूर्ण तथ्य नहीं हैं जिन्हें स्वीकार किया जा सके। अभियोजन पक्ष ने जिन चार गवाहों के बयान दर्ज करवाए, उनमें से किसी ने भी आरोपियों के संबंध में घटना को प्रमाणित करने वाला कोई साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया है। प्रकरण में आरोपियों की ओर से अभिभाषक मुकेश गुप्ता, संजय शर्मा, अभिषेक शर्मा ने और शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक जागेश्वर सिंह भदौरिया ने पैरवी की।

इन्हें बनाया था गवाह: राजमाता विजयाराजे सिंधिया, माधवशंकर इंदापुरकर, नारायण कृष्ण शेजवलकर, शीतला सहाय, गंगाराम बांदिल, सरदार एससी आंग्रे, मोहन सिंह, दयाशंकर वाजपेयी, बाबूलाल पाल, श्रीमति अंजरिबाई शिंदे, माधवराव शिंदे, पीआर अरगडे, शंकरलाल इलेक्ट्रीशियन (इन सभी का निधन हो चुका है), किरन शिंदे, बद्री, बिरसाराम, शारदा. राजेंद्र शर्मा, अरगडे, गनपत सिंह यादव, रुस्तम सिंह, जंग बहादुर सिंह, लोकेंद्र सिंह तोमर, रमेश पठारिया, बीबी गिरी, एसके मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी (टेलीफोन एक्सचेंज, ग्वालियर), प्रशासनिक अधिकारी पासपोर्ट (नई दिल्ली), डीएम कार्यालय (ग्वालियर), बिल विभाग प्रभारी (मप्र विद्युत मंडल), ध्यानेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद, गंभीर सिंह, पन्नालाल, आरएस वर्मा।

चुनाव से पहले नरोत्तम मिश्रा को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- पेड न्यूज के सबूत नहीं...

याचिकाकर्ता के वकील की दलीलें : शिकायतकर्ता के वकील आल इंडिया कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष विवेक तन्खा ने अपनी दलीलों में यह कहा था कि यह देश का सबसे बड़ा पेड न्यूज का मामला है। जांच कमेटी ने मिश्रा के समर्थन में प्रकाशित 48 आर्टिकल में से 42 पेड न्यूज पाए थे। उन्होंने दलील दी थी कि न्यूज प्रकाशित होने का समय, उनकी भाषा, तारीख, हेडलाइन सब यह साबित करती हैं कि प्रकाशित न्यूज पेड न्यूज थीं। पेड न्यूज के बारे में जांच कर रही समिति ने मंत्री को जांच रिपोर्ट समेत कारण बताओ नोटिस भेजा, लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। जिन दो पत्रकारों ने मंत्री के हक में बयान दिए वह उनके दोस्त थे। वह समाचार प्रशासन द्वारा उनका पक्ष रखने के लिए अधिकृत नहीं थे पूछने पर खुद उन्होंने यह बात कबूली है। उन्होंने कहा था कि यह चुनाव आयोग का काम है कि वह प्रत्याशियों के चुनाव खर्च पर नजर रखें। चुनाव खर्च तय नियम से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

मंत्री के वकील की दलीलें : मंत्री के वरिष्ठ वकील सुंदरम, वंशजा शुक्ला और भारत सिंह ने कोर्ट में कहा था कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें पेड न्यूज नहीं थी। समाचार पत्रों ने खुद यह मानते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी मर्जी से यह खबरें प्रकाशित की। ऐसे में उनके खिलाफ मामला नहीं बनता है। वकील ने तर्क रखा कि इस मामले में 2013 में पहली बार उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। जिसके 4 साल बाद चुनाव आयोग ने 26 अगस्त 2017 को उनके खिलाफ कार्रवाई की। यह कार्रवाई देरी से की गई। उनका आरोप था कि इस मामले में शिकायतकर्ता को लाभ दिया गया है। चुनाव आयोग ने अपने आप ही मान लिया कि यह पेड न्यूज है। पहले शिकायतकर्ता को यह साबित करना होगा कि समाचार पत्रों में पेड़ न्यूज प्रकाशित हुई थी। पेड न्यूज वो होता है जिसके लिए पैसे दिए गए। पैसे कोई भी दे सकता है चाहे राजनीतिक दल हो या फिर उम्मीदवार का समर्थक।

यह है पूरा मामला : हाईकोर्ट से पूर्व नरोत्तम मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग के फैसले पर रोक लगा दी थी। आयोग ने नरोत्तम मिश्रा को 2008 के विधानसभा चुनाव में पेड न्यूज के मामले में अयोग्य घोषित किया था। इस वजह से नरोत्तम राष्ट्रपति चुनाव में वोट भी नहीं डाल पाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने के साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट को मामले की जल्द सुनवाई के निर्देश दिए थे। पहले सिंगल बेंच ने आयोग के आदेश को बरकरार रखा। इस निर्देश को डबल बेंच में चैलेंज किया गया था।

याचिकाकर्ता राजेंद्र भारती बोले : माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत 8 महीने बाद फैसला आना अन्याय की श्रेणी के अंतर्गत पहले से ही था। भ्रष्ट मंत्री को कोर्ट द्वारा संरक्षण दिए जाने से न केवल चुनाव आयोग के अस्तित्व को चुनौती दी गई बल्कि कानून से जनता का विश्वास ही खत्म हो जाएगा। हाईकोर्ट के डबल बैंच के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने के मामले में पार्टी तय करेगी।

मोदी की कश्मीर यात्रा से पहले पाक की...

जम्मू फ्रंटियर के बीएसएफ महानिरीक्षक राम अवतार ने कहा कि बीएसएफ ने पाकिस्तान की सीमा में जवाबी गोलीबारी की है। इसमें पाकिस्तानी सेना को बड़ा नुकसान हुआ है। हमने अपने शहीद जवान का बदला ले लिया है। पाकिस्तानी चैनलों पर इसकी खबर देखी जा सकती है।

पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया : पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर सीजफायर का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को तलब किया। पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर पुखलियां, काहप्रार, हरपाल, चरवाह और शकरगढ़ इलाकों में गोलीबारी की। खानूर गांव में भारतीय सेना की गोलीबारी में पाकिस्तान के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय सेना की गोलीबारी जारी है।

गडकरी बोले- भ्रष्टाचार करने वाले ठेकेदार को सड़क की गिट्टी में गाड़ दूंगा...

बैतूल-भोपाल रोड का काम हमने शुरू कर दिया है। मैं सिर्फ घोषणा नहीं करता बल्कि उसे पूरा करके भी दिखाता हूं। सिंचाई के लिए उनकी सरकार बहुत काम कर रही है। अब नहर से नहीं पाइप से पानी खेतों में पहुंचाएंगे। मध्यप्रदेश में 60 हजार करोड़ रुपए खर्च कर खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा।

अचानक मंच पर आया पसीना, तुरंत किया इलाज : मंच पर गडकरी अपने संबोधन के बाद जैसे ही वापस बैठे तो उन्हें अचानक पसीना आने लगा और वे असहज महसूस करने लगे। उन्हें तुरंत सुरक्षा वाहन में ले जाया गया और एसी में बैठाया गया। इस दौरान उन्हें कुछ मीठा भी खिलाया गया। कुछ देर बाद उनकी स्थिति में सुधार आया और वे सहज दिखने लगे। डॉक्टरों का कहना था कि संभवत: उनका ब्लडप्रेशर कम हो गया था। बाद में वे हेलीकॉप्टर से रवाना हो गए।

बिना सिम चलेगा स्मार्टफोन,18 कनेक्शन तक ले...

इसके अलावा प्रति उपभोक्ता सिम कनेक्शन की अधिकतम सीमा 9 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है। इनमें से 9 सिम का इस्तेमाल सामान्य मोबाइल फोन सेवाओं के लिए, जबकि बाकी का मशीन-टू-मशीन कम्यूनिकेशन जैसे डोंगल या स्मार्टवॉच में किया जा सकेगा। यूजर्स किसी भी सर्विस प्रोवाइडर टेलीकॉम कंपनी से नया कनेक्शन लेगा, तो उसके स्मार्टफोन में इंबेडेड सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल यानी ई-सिम डाल दिया जाएगा। ई-सिम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की जानकारी टेलीकॉम कंपनियां अपने डाटाबेस में दर्ज कर लेंगी। इससे देश के 115 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को फायदा होगा। सभी टेलीकॉम कंपनियां ई-सिम की सुविधाएं दे सकती हैं। देश में अभी रिलायंस जियो और एयरटेल ई-सिम की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल एप्पल वॉच में करती हैं। दोनों ने पांच दिन पहले ही इनकी बिक्री शुरू की है। 2016 में लॉन्च इस तकनीक को सबसे पहले सैमसंग ने स्मार्टवॉच गियर-2 में इस्तेमाल किया था।

8 साल पहले 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर येदि...

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणियों के साथ उनका फैसला रद्द कर दिया था। बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने के खिलाफ कांग्रेस रात को फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। शनिवार सुबह 10.30 बजे इस पर सुनवाई होगी। हालांकि, भाजपा का दावा है कि 10 साल पहले 2008 में भी वह प्रोटेम स्पीकर बन चुके हैं। सामान्यत: सबसे सीनियर विधायक प्रोटेम स्पीकर बनता है। कांग्रेस विधायक आरवी देशपांडे का नाम इस पद के लिए चर्चा में था।सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल पर भी तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि संविधान से मिली उच्च शक्तियाें का राज्यपाल ने खराब ढंग से इस्तेमाल किया। इस मुद्दे पर 10 हफ्ते बाद विचार होगा। कोर्ट ने डीजीपी को फ्लोर टेस्ट के दौरान उचित सुरक्षा व्यवस्था का आदेश दिया है।

सभी दलों का एक-दूसरे पर आरोप: भाजपा नेता प्रीतम गौड़ा ने माना कि येद्दियुरप्पा के समर्थन में वोट जुटाने के लिए वह जेडीएस विधायकों के संपर्क में हैं।

कुमारस्वामी बोले- भाजपा ने दो विधायकों को अगवा किया है। लेकिन भरोसा है कि दोनों हमारे साथ ही आएंगे।

कांग्रेस ने ऑडियाे जारी कर भाजपा नेता जनार्दन रेड्‌डी पर विधायकों को लालच देने का आरोप लगाया।

35 साल पुराने मामले में साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपी बरी...

विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि प्रकरण में कोई महत्वपूर्ण तथ्य नहीं हैं जिन्हें स्वीकार किया जा सके। अभियोजन पक्ष ने जिन चार गवाहों के बयान दर्ज करवाए, उनमें से किसी ने भी आरोपियों के संबंध में घटना को प्रमाणित करने वाला कोई साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया है। प्रकरण में आरोपियों की ओर से अभिभाषक मुकेश गुप्ता, संजय शर्मा, अभिषेक शर्मा ने और शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक जागेश्वर सिंह भदौरिया ने पैरवी की।

इन्हें बनाया था गवाह: राजमाता विजयाराजे सिंधिया, माधवशंकर इंदापुरकर, नारायण कृष्ण शेजवलकर, शीतला सहाय, गंगाराम बांदिल, सरदार एससी आंग्रे, मोहन सिंह, दयाशंकर वाजपेयी, बाबूलाल पाल, श्रीमति अंजरिबाई शिंदे, माधवराव शिंदे, पीआर अरगडे, शंकरलाल इलेक्ट्रीशियन (इन सभी का निधन हो चुका है), किरन शिंदे, बद्री, बिरसाराम, शारदा. राजेंद्र शर्मा, अरगडे, गनपत सिंह यादव, रुस्तम सिंह, जंग बहादुर सिंह, लोकेंद्र सिंह तोमर, रमेश पठारिया, बीबी गिरी, एसके मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी (टेलीफोन एक्सचेंज, ग्वालियर), प्रशासनिक अधिकारी पासपोर्ट (नई दिल्ली), डीएम कार्यालय (ग्वालियर), बिल विभाग प्रभारी (मप्र विद्युत मंडल), ध्यानेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद, गंभीर सिंह, पन्नालाल, आरएस वर्मा।

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