हाईकोर्ट परिसर स्थित झूलाघर में महिला कर्मचारी अपने बच्चे को खिलौने दिखाते हुए।
सिटी रिपोर्टर | ग्वालियर
मप्र उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति संजय यादव ने शुक्रवार को झूलाघर (क्रेश) का शुभारंभ किया। उच्च न्यायालय परिसर में बने झूलाघर में यहां कार्यरत महिला कर्मचारियों के एक से लेकर चार वर्ष तक के बच्चों की देखरेख की जाएगी। इसके अलावा महिला अभिभाषक व महिला पक्षकार भी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगी।
इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायमूर्ति संजय यादव के अलावा न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी, न्यायमूर्ति आनंद पाठक, न्यायमूर्ति एके जोशी व न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया, प्रिसिपल रजिस्ट्रार जीएस दुबे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वातानुकूलित परिसर में खेलने के लिए प्लेइंग एरिया है साथ ही म्यूजिकल व एजुकेशनल टॉयज भी है। एक कक्ष में बच्चों के सोने की भी व्यवस्था की गई है जबकि किचन की भी सुविधा दी गई है। देखरेख के लिए एक प्रभारी व दो महिला कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। इसमें अधिकतम 11 बच्चों को ही प्रवेश दिया जाएगा। गौरतलब है कि हाईकोर्ट में कई ऐसी कर्मचारी हैं जिनके बच्चे काफी छोटे हैं। ऐसे में उन्हें घर में अकेला छोड़कर कार्यालय में काम पर आना कष्टकर हो जाता था। झूलाघर खुलने से महिला कर्मचारियों को खासी राहत मिलेगी।
Inauguration