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52 पेंटिंग में दिखाई राम जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक की कहानी

3 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर | ग्वालियर

पेटिंग की अलग-अलग शैली। इनमें पहाड़ी, मधुबनी, जोधपुरी, मारवाड़ी, मुगल, बूंदी, बुंदेली और गुलेर शैली में बनाए 52 चित्र। इनमें श्रीराम के जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक को चित्रित किया गया है। विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में 7 दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ गूजरी महल म्यूजियम में किया गया। इस प्रदर्शनी को देखने के लिए शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसकी वजह थी कि विश्व संग्रहालय दिवस पर एंट्री फ्री होना। यह प्रदर्शनी शहरवासियों की सुविधा के लिए सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। इसे खासतौर पर संग्रहालय के उस परिसर में लगाया गया है, जहां कभी रानी गूजरी रहा करती थीं।

बुंदेली शैली | इस पेंटिंग को ओरछा से लिया गया है। इसमें भगवान परशुराम और सहस्त्रार्जुन का संवाद है। इस पेंटिंग को बुंदेली शैली में बनाया गया है।

पहाड़ी शैली | इस पेंटिंग में नारद भगवान श्री राम पर कथा लिखने के लिए वाल्मीकि से निवेदन कर रहे हैं। यह पेंटिंग कांगड़ा में 19वीं शताब्दी में बनाई गई है। पहाड़ी शैली में बनी इस पेंटिंग में कलर्स को लाइट रखा गया है।

बूंदी शैली | इस पेटिंग में सीता स्वयंवर का वर्णन हैं। इसमें देवी सीता, श्रीराम को भरी सभा में फूलों की माला पहना रहीं हैं। यह राजस्थान की 19वीं शताब्दी की बूंदी शैली में बनाई है।

बाहु शैली | इस पेंटिंग में राम के वन गमन से पहले के दृश्य दिखाए गए हैं। इसमें राम, लखन और दशरथ के प्रेम भाव को दिखाया है। यह पेंटिंग बाहु शैली में है।

गुलेर शैली | इस पेंटिंग में भरत, श्रीराम के अनुपस्थित में उनकी पादुका का पूजन कर रहे हैं। यह कश्मीर की प्रख्यात गुलेर शैली में बनाई गई पेंटिंग है।

मारवाड़ी शैली | मारवाड़ी शैली में बनी इस पेंटिंग में रावण के वध का दृश्य दिखाया गया है। इसमें श्रीराम, लक्ष्मण एवं हनुमान को कतार में खड़े हुए प्रदर्शित किया है।

जोधपुर शैली | इस पेटिंग में ऋषि वशिष्ठ द्वारा राजा राम का राज्याभिषेक किया जा रहा है। यह पेंटिंग राजस्थान की है, जिसे 19वी शताब्दी में जोधपुरी शैली में बनाया गया है। इसमें प्रभु श्रीराम के भव्य दरबार का चित्रण भी किया गया है।

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