पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

5 करोड़ से बनेगा परशुराम मंदिर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहर से 62 किमी दूर भिंड जिले के जमदारा गांव में 5 करोड़ की लागत से भगवान परशुराम का भव्य मंदिर बनेगा। इसके लिए मां रेणुका नंदन भगवान परशुराम सार्वजनिक न्यास ने 11 बीघा भूमि खरीद कर चहारदीवारी बना दी है। जमदारा की भूमि को भगवान परशुराम की जन्म स्थली के साथ ही उनके पिता जमदग्नि की तप स्थली माना जाता है। यहांं परशुराम के अलावा रेणुका धाम और जमदग्नि ऋषि का मंदिर आैर शस्त्र व शास्त्र की शिक्षा के लिए संस्कृति विद्यापीठ, शस्त्र विद्या प्रशिक्षण केन्द्र, मल्लविद्या केन्द्र, संत निवास, छात्रावास, जड़ी-बूटी उद्यान, गौशाला भी बनाई जाएगी। ट्रस्ट के ट्रस्टी रामबाबू कटारे ने बताया कि मंदिर बनाने का प्लान तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मदद करने का आश्वासन दिया है। मुरैना के सांसद अनूप मिश्रा ने 20 लाख रुपए दिए हैं।

अक्षय तृतीया आज सर्वार्थ सिद्धि योग में मनेगी

सिटी रिपोर्टर। ग्वालियर

सूर्य पुत्र शनि 18 अप्रैल को धनु राशि में रहते अपनी वक्र गति से चलना प्रारंभ कर देंगे। इस बार शनि अक्षय तृतीया परशुराम जयंती के दिन वक्री हो रहे हैं। शनि की यह चाल 6 सितंबर तक रहेगी। परशुराम जयंती पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। लिहाजा इस अबूझ मुहूर्त का और अधिक महत्व बढ़ गया है।

ज्योतिषाचार्य पं. विजयभूषण वेदार्थी के अनुसार अक्षय तृतीया का पर्व बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाया जाएगा। मंगलवार-बुधवार की रात्रि 1.56 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रारंभ हो जाएगा। यह योग गुरुवार को सूर्याेदय तक रहेगा। इसलिए बुधवार को पूरा ही दिन सर्वार्थ सिद्धि योग के प्रभाव में रहेगा। सूर्य पुत्र शनि बुधवार को सुबह 7.17 बजे वक्री हो जाएंगे। अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त की श्रेणी माना जाता है। इस शुभ दिन इस वर्ष के मंत्री शनि का वक्री होना शनि प्रधान व्यक्तियों के लिए विशेष शुभ प्रद रहेगा, लेकिन जिन जातकों की राशि में शनि अशुभ प्रभाव में हैं उस अशुभता में वृद्धि भी अधिक रहेगी। शनि का धनु राशि में वकृत्व काल 6 सितंबर तक रहेगा।

जमदारा गांव में मां रेणुका की प्रतिमा

राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय के पुरातत्वविद टीले में निकलने वाले मृदभांड को रामायण और महाभारत कालीन बताते हैं। किंवदंती है कि मौ का पुराना नाम महिष्मती था। इसका राजा सहस्त्रबाहु (सहस्त्रार्जुन) हुआ करता था, जिसे महर्षि जमदग्नि के पुत्र भगवान परशुराम ने पराजित कर नगरी को पलट दिया था।

खुदाई में निकले मिट्‌टी में उलटे दबे मृदभांड: सन 1992 में राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय ने टीले की खुदाई कराई थी। खुदाई के दौरान टीले में निकले मृदभांड (मिट्‌टी के बर्तन) उलटे और टूटे निकले। आज भी टीला मौजूद है, उसकी मिट्‌टी में दबे बर्तन टूटी अवस्था में उलटे दबे नजर आते हैं। इनमें मटके, नाद, दीपक के अलावा ईंटें भी दबी हुई हैं, जो डेढ़ फीट लंबी है। इसकी पुष्टि राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय में पदस्थ पुरातत्वविद् वीरेन्द्र पांडे भी करते हैं।

जमदारा में स्थापित भगवान परशुराम की प्रतिमा।

रामजानकी मंदिर में स्थापित होगी परशुराम की मूर्ति

ग्वालियर-चंबल संभागीय सनाढ्य ब्राह्मण सभा के तत्वावधान में बुधवार को सुबह 9 बजे रामजानकी मंदिर किलागेट पर भगवान परशुराम जयंती मनाई जाएगी। सभा के अध्यक्ष भूपेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सुबह भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित की जाएगी।

सोना, चांदी, जमीन और मकान खरीदने के लिए शुभ योग

ज्योतिर्विद डॉ.एचसी जैन के अनुसार अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त माना जाता है,लेकिन इस बार अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया मंगलवार-बुधवार की रात 3.41 बजे आएगी जो बुधवार- गुरुवार की रात्रि 1.45 बजे तक रहेगी। इसी समय सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धि नक्षत्र योग, सूर्य मेष राशि में और कृत्तिका नक्षत्र में होंगे। लिहाजा इस दिन का महत्व बढ़ गया है। इस दिन सोना खरीदना, जमीन व मकान खरीदना, इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना विशेष शुभ रहेगा।

यहां होंगे कार्यक्रम

नगर निगम: मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत फूलबाग मैदान पर बुधवार को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें 5 जोड़ों के विवाह कराए जाएंगे।

वाल्मीकि समाज: वाल्मीकि समाज प्रगतिशील संस्था का 13 वां सामूहिक विवाह सम्मेलन फूलबाग गोपाल मंदिर के सामने आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी संस्था के अध्यक्ष मोहन खरे ने दी।

खंगार समाज: अखिल भारतीय खंगार क्षत्रिय महासभा द्वारा मेला ग्राउंड में सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित होगा।

राठौर समाज: राठौर समाज आदर्श सामूहिक विवाह समारोह समिति का सामूहिक विवाह समारोह मेला ग्राउंड में आयोजित होगा, जहां 18 जोड़ों का विवाह कराया जाएगा।

मैथिल ब्राह्मण समाज सेवा, वृहत्तर ग्वालियर: समाज का सामूहिक विवाह ग्वालियर व्यापार मेला प्रांगण छत्रा नंबर 2 पर आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी संस्था अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा ने दी।

शस्त्र एवं शास्त्र के ज्ञाता थे भगवान परशुराम: डॉ. भारद्वाज

ग्वालियर|
अखिल भारत हिंदू महासभा के तत्वावधान में मंगलवार को हिंदू महासभा के कार्यालय पर भगवान परशुराम की जयंती की पूर्व संध्या एवं छत्रपति शिवाजी व गुरु अंगद देव की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में पं. गिरिराज शरण शर्मा के आचार्यत्व में पूजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. जयवीर भारद्वाज ने कहा कि भगवान परशुराम ने आतताइयों का विनाश कर सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति की पुन: स्थापना की। भगवान परशुराम शस्त्र एवं शास्त्र के ज्ञाता थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पं. कैलाश नारायण शर्मा ने की। कार्यक्रम का संचालन रामबाबू शर्मा ने तथा आभार संतोष प्रजापति ने व्यक्त किया। इस मौके पर राम बाबू सेन, प्रदीप जायसवाल, मोहन सिंह बघेले, राजेंद्र प्रजापति, बृंदावन उपस्थित थे। वहीं

ब्रह्म समाज एकता परिषद द्वारा कोटेश्वर मंदिर में 9.30 बजे भगवान परशुराम का अभिषेक व पूजन किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...