घटना 2018 की, शपथ पत्र 2017 का, कोर्ट ने दिए कार्रवाई के आदेश
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने एक मामले की सुनवाई करते हुए प्रिंसिपल रजिस्ट्रार को राकेश अवस्थी, नोटरी पब्लिक गवर्नमेंट ऑफ इंडिया को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। साथ ही प्रिंसिपल रजिस्ट्रार को उचित कार्यवाही के लिए उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति केंद्रीय कानून मंत्री व मध्यप्रदेश के विधि एवं विधायी मंत्री को भेजने का भी आदेश दिया।
कल्लू उर्फ राहुल ने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका प्रस्तुत की। जिसमें ये तर्क दिया गया कि उनके द्वारा लूट की घटना को अंजाम नहीं दिया गया था बल्कि ऑटो के किराए को लेकर उनका धर्मेंद्र बाथम से विवाद हुआ था। अपने तर्क के समर्थन में उन्होंने धर्मेंद्र बाथम का शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया। इस पर न्यायालय ने जिस तारीख को शपथ पत्र तैयार किया गया, उस पर आपत्ति जताई। क्योंकि दस्तावेजों में लूट की घटना 20 जनवरी 2018 को होना बताया गया जबकि शपथ-पत्र 2 फरवरी 2017 को बनाया गया। ऐसे में ये समझ के परे है कि घटना बाद में हुई और शपथ पत्र पहले बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने उचित कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही धर्मेंद्र बाथम से ये भी सत्यापित करने के आदेश दिए कि उन्होंने शपथ पत्र बनवाया भी है अथवा नहीं। इसके साथ ही न्यायालय ने वास्तविक शपथ पत्र को सील बंद लिफाफे में रखने का आदेश दिया।