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नए सॉफ्टवेयर में डाटा फीड होने के बाद ही जमा हो सकेगा संपत्ति कर

3 वर्ष पहले
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यदि आप इस साल का संपत्ति कर भरने की तैयारी कर रहे हैं तो लगभग एक सप्ताह और ठहरना पड़ेगा। दरअसल, निगम के संपत्ति कर का डाटा ई-नगर पालिका के नए सॉफ्टवेयर में फीड किया जा रहा है। इस कारण नए वित्तीय वर्ष में संपत्ति कर जमा करने का काम नहीं हो पा रहा है। निगम के अफसरों का दावा है कि नया सॉफ्टवेयर ज्यादा सुरक्षित है, इसमें डाटा फीड होने के बाद निचले स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों पर काफी हद तक लगाम लगेगी।

नामांतरण भी ऑन लाइन: नए सॉफ्टवेयर में डाटा फीडिंग के साथ निगम नामांतरण को भी ऑन लाइन करने की तैयारी में है। इससे लोगों को चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

3 स्तर पर जांच का प्रावधान : अभी निगम वर्ष 2015 में एमेटी सॉल्यूशन कंपनी से बनवाए गए सॉफ्टवेयर पर काम कर रही है। इसमें वार्ड स्तर पर फीड होने वाले डाटा का वेरीफिकेशन संबंधित क्षेत्र का अधिकारी ही करता है। नए सॉफ्टवेयर में वार्ड स्तर पर डाटा में किए गए परिवर्तन का तीन स्तर पर वेरीफिकेशन होगा। इस बदलाव को पहले क्षेत्र का अधिकारी वेरिफाई करेगा और उसके बाद प्रकरण उपायुक्त व अपर आयुक्त के पास पहुंचेगा। उनके द्वारा वेरिफाई करने पर ही डाटा फाइनल होगा।

छूट की अवधि बढ़ाने भेजेंगे प्रस्ताव: एडवांस टैक्स जमा करने पर वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल, मई और जून में संपत्ति स्वामी को 6 फीसदी की छूट मिलती है। चूंकि डाटा फीडिंग के चलते अप्रैल माह में अाधे से ज्यादा समय तक संपत्ति कर जमा नहीं हो पाया। ऐसे में निगम अधिकारी एमआईसी को प्रस्ताव भेजकर छूट की अवधि बढ़ाने की मांग करेंगे ताकि संपत्ति स्वामियों को इसका लाभ मिल सके।

नए सॉफ्टवेयर में संपत्तियों का डाटा फीडिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही संपत्ति कर जमा कराने का काम शुरू करा दिया जाएगा। छूट का लाभ लोगों को मिले, इसके भी प्रयास करेंगे। -रिंकेश वैश्य, अपर आयुक्त नगर निगम

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