माफी के 52 हजार मंदिर, पुजारियों के बारे में किसी को पता नहीं
कमिश्नर ने 16 जिलों के कलेक्टरों को लिखा पत्र, पूछा पुजारियों का हिसाब
सिटी रिपोर्टर। ग्वालियर
राज्य के 16 जिलों में माफी औकाफ के 52 हजार से ज्यादा मंदिर हैं। इनकी देखरेख सरकारी अफसर ग्वालियर से करते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कितने मंदिरों में पुजारी हैं, इसकी जानकारी अफसरों के पास भी नहीं हैं। इसी बात को लेकर संभाग आयुक्त ने नाराजगी जाहिर कर सभी जिलों के कलेक्टरों से पुजारियों की जानकारी मांगी है। मंदिर सहित अन्य मुद्दों को लेकर सोमवार को मोतीमहल में अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक कमिश्नर बीएम शर्मा की अध्यक्षता में हुई।
बैठक के बाद श्री शर्मा ने कहा, जिन मंदिरों में पुजारी नियुक्त नहीं हैं और वहां पूजा पाठ नहीं हो पा रहा है, वहां पुजारियों की नियुक्ति का काम अभियान चलाकर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि औकाफ के मंदिरों से संबद्ध भूमि और संपत्तियों की भी जानकारी अभी एकजाई नहीं है। इसी कारण संबंधित जिले के कलेक्टरों से जानकारी मांगी गई है। माफी औकाफ के मंदिर ग्वालियर संभाग के ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर एवं चंबल संभाग के मुरैना, भिण्ड व श्योपुर के अलावा उज्जैन, शाजापुर, मंदसौर, धार, विदिशा, नीमच, आगर मालवा और देवास जिलों में हैं। इस बैठक में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों को समय पर मिले, इसको लेकर वे लक्ष्य तय करें और नियमित समीक्षा भी। सीएम हेल्पलाइन के तहत प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों का समय रहते निराकरण किया जाए। ऐसे प्रकरण हर जिले में पेंडिंग हैं।