प्रशासन ने 5000 निवेशकों की सूची सौंपी
ग्वालियर| चिटफंड कंपनी परिवार डेयरी के फर्जीवाड़े का शिकार हुए निवेशकों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 45 हजार आवेदन पहले से ही लंबित होने के बावजूद जिला प्रशासन ने अब जिला न्यायालय में 5000 निवेशकों की सूची और सौंप दी हैं। इसमें गौर करने वाली बात ये है कि कोर्ट कमिश्नर के पास निवेशकों को लौटाने के लिए पैसे ही नहीं है। प जानकारी के अनुसार कुछ दिन पूर्व निवेशकों को बांटने के लिए 45 लाख रुपए खाते में जमा कराए गए थे जिसे वितरित कर दिया गया। गौरतलब है कि वर्ष 2013 से लेकर अब तक कुल 3400 निवेशकों को 6 करोड़ रुपए की राशि लौटाई जा चुकी है।
खंभा गाड़ने से पहले निगम से अनुमति लेनी होगी
ग्वालियर| उच्च न्यायालय में मंगलवार को हरिदास गुप्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें निगम ने बिजली कंपनी के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें बिजली के खंबे गाड़ने के लिए उन्हें किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। निगम की ओर से पैरवी करते हुए अभिभाषक पीडी बिदुआ ने कहा कि टेलीग्राफ एक्ट 1885 में स्पष्ट रूप से इसका उल्लेख किया गया है कि निर्माण से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले निगम की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इस पर बिजली कंपनी के अभिभाषक ने बहस के लिए समय मांगा जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।