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स्लैब के कई ज्वाइंट खराब, दरारों में भरा डामर बना काल, साढ़े 3 साल में 8 की मौत

3 वर्ष पहले
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हजीरा को गोले का मंदिर क्षेत्र से जोड़ने वाले बिरला नगर पुल की हालत खस्ता है। पुल में जगह-जगह दरारें आ गई हैं। पुल के स्लैब को जोड़ने वाले 25 ज्वाइंट भी पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। इनके कारण दरारों में भरा डामर फूलकर कूबड़ के रुप में कई जगह गति अवरोध जैसे बन गए हैं। जब इन पर से दोपहिया वाहन गुजरता है तो वह अनियंत्रित होकर फिसल जाता है। 7 दिन पहले रिटायर्ड फौजी अशोक सिंह भदौरिया की जान इसी पुल पर हुए हादसे में जा चुकी है। इसके बावजूद पुल का मेंटेनेंस नहीं हो रहा है।

करीब आठ माह से मेंटनेंस के लिए एक करोड़ रुपए का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अफसरों ने अटका रखा है। यही हाल आईटीआई पुल का है। मल्लगढ़ा तिराहे से गोले का मंदिर चौराहे को जोड़ने वाले इस पुल का मार्ग बेहद संकरा हो जाने से यहां रोज वाहनों के एक दूसरे से टकराने के हालात बनते हैं। पिछले साढ़े तीन साल में बिरला नगर पुल पर 20 और आईटीआई पुल पर 26 हादसे हुए हैं, इनमें 8 लोगों की मौत हो चुकी है।

दो-तीन माह में काम शुरू कर देंगे

आईटीआई पुल मप्र रोड डवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अंतर्गत आता है। यहां के डिवीजनल मैनेजर पंकज ओझा बताते हैं कि आईटीआई पुल के ज्वाइंट्स भी खराब हैं। इसके लिए हमें पुल की विस्तार से जांच करानी है। हमें 2 से 3 माह का वक्त चाहिए। इस दौरान हम आईटीआई पुल की मरम्मत और रोड को चौड़ा करने के लिए काम करेंगे।

कहां-कितने

सड़क हादसे

बार-बार हो रहे हादसों के बाद भी जिम्मेदार नहीं करा रहे मेंटेनेंस

बिरला नगर पुल पर इस तरह के गड्‌ढे व ज्वाइंट्स के खराब होने से दरारों में भरा डामर कूबड़ के रुप में वाहनों के लिए अवरोधक बन रहे हैं।

सीन 1- बिरला नगर पुल: 450 मीटर लंबे और 18 मीटर चौड़े पुल पर कुल 12 जगहों पर दरारें आ गई हैं। पुल के बीचों-बीच भी दरारें हैं। यहां दो जगह गड्ढे भी हैं। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के अनुसार, पूरे पुल पर कुल 25 ज्वाइंट खराब हुए हैं। इन दरारों को भरने के लिए लगाया गया डामर अब कूबड़ की तरह सड़क पर नजर आता है। ये कूबड़ तेज गति से अा रहे वाहनों के लिए अवरोधक बन जाते हैं, जिससे वे अनियंत्रित होकर हादसों का शिकार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार रात में अधिकतर स्ट्रीट लाइट बंद रहने से भी हादसे होते हैं।

आईटीआई पुल पर दोनों तरफ फुटपाथ टूटे पड़े हैं और मलबा सड़क पर।

बिरला नगर पुल

वर्ष हादसे मौत

2015 07 00

2016 06 02

2017-18 07 04

आईटीआई पुल

वर्ष हादसे मौत

2015 10 02

2016 09 00

2017-18 07 00

डामर के कूबड़

व संकरी रोड

बन रहे हादसों

की वजह

सीन 2- आईटीआई पुल: पुल की लंबाई तो 450 मीटर है लेकिन वाहनों के चलने के लिए इस पुल पर सड़क की चौड़ाई मात्र साढ़े आठ मीटर है। पुल के दोनों तरफ साढ़े तीन मीटर के फुटपाथ हैं लेकिन इनका उपयोग न के बराबर है। क्योंकि यह पुल सीधे एबी रोड से लगा है और यहां हाईवे से आने वाले वाहन ही चलते हैं। जो फुटपाथ हैं, वह भी कई जगह से टूट चुके हैं और उनका मलबा सड़क पर बिखरा रहता है। संकरी रोड और हाईवे से तेज गति से आ रहे वाहन हादसे की वजह बनते हैं।

अगर ये सावधानियां बरती जाएं तो रुक सकेंगी सड़क दुर्घटनाएं

जर्जर पुल की मरम्मत कराई जाए। बिरला नगर पुल से 20 से 25 मीटर दूर स्पीड ब्रेकर बनवाएं जाएं। पुल के दोनों तरफ लगी स्ट्रीट लाइटें चालू की जाएं। गति धीमी रखने के संकेतक लगवाएं जाएं। चंदन नगर से आने वाले भारी वाहनों की एंट्री पुल पर बंद कराई जाए। आईटीआई पुल पर बने अनुपयोगी फुटपाथ की चौड़ाई कुछ कम की जाए, जिससे वाहनों के संचालन के लिए रोड को चौड़ा किया जा सके।

बिरला नगर पुल के ज्वाइंट खराब हो चुके हैं और अब उनकी जगह नए ज्वाइंट लगाने होंगे। दरारों को भी भरना है। मेंटेनेंस के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेज दिया था।

-मोहर सिंह जादौन, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी

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