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2 किमी की बदहाल सड़क, 30 हजार लोग परेशान

3 वर्ष पहले
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3 करोड़ 44 लाख रुपए है सड़क की लागत

दिसंबर 2017 में शुरू हुआ काम अप्रैल 2018 में पूरा होना था

अब सितंबर 2018 तक होगा काम

स्पेशल रिपोर्टर | ग्वालियर

मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के तहत नगर निगम बहोड़ापुर तिराहे से सागर ताल चौराहे तक जो 2 किमी सड़क का निर्माण कर रहा है, वह अब आनंद नगर क्षेत्र की 30 हजार आबादी के लिए मुसीबत बन चुकी है। पिछले 8 महीने से इस सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है, जबकि डेडलाइन के हिसाब से इस सड़क का निर्माण कार्य अप्रैल 2018 में ही हो पूरा हो जाना चाहिए था। निगम अफसरों की गलत प्लानिंग की वजह से क्षेत्र की जनता यहां हर रोज धूल का गुबार व गड्ढों का दर्द झेल बीमार हो रही है।

देखिए... इस सड़क से कैसे निकल पाते होंगे वाहन चालक

आनंद नगर में रोड पर सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है।

600 मीटर ही सड़क बन पाई थी, बीच में रोककर डालने लगे वॉटर व सीवर लाइन

अक्टूबर 2017 में एमआईसी ने इस सड़क निर्माण को मंजूरी दी। दिसंबर 2017 में सड़क बनने का काम शुरू हुआ। इसके लिए बहोड़ापुर तिराहे से सागर ताल चौराहा तक दो किमी के इस मार्ग को खोदा गया। फिर सागर ताल चौराहे की ओर से आनंद नगर गेट तक एकल मार्ग पर 600 मीटर सड़क निर्माण भी हुआ। इसी दौरान जनवरी 2018 में अमृत योजना के काम भी स्वीकृत हुए। अचानक सड़क निर्माण के काम को रोककर वाटर लाइन व सीवर लाइन डालने का काम शुरू करा दिया। वाटर लाइन के लिए सड़क को फिर से खोदा। फिर उसे समतल किया। इसके बाद दोबारा रोड खोदकर सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया। बगैर स्पष्ट प्लानिंग के सड़क बार-बार खोदी गई, जिससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

लोगों का दर्द

हम आनंद नगर गेट पर रहते हैं। पिछले कुछ महीनों से हमारा परिवार सड़क खुदाई से परेशान हैं। 2 दिन पहले ही मैं और मेरी प|ी बाइक के गड्ढे में चले जाने से घायल हो गए थे। -विकास दुबे, स्थानीय रहवासी

पिछले कई महीनों से हम और हमारे बच्चे सड़क खुदाई से परेशान हैं। बाजार जाने के लिए जब भी हम निकलते हैं, तो इस सड़क पर उड़ती धूल का प्रदूषण हमें झेलना पड़ता है। -राकेश सिंह, स्थानीय रहवासी

ठेकेदार की सफाई

हमारे काम में कोई देरी नहीं हुई है। निगम अफसर सड़क निर्माण का काम रुकवाकर वाटर लाइन व सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं कराते तो अब तक सड़क बन चुकी होती। अब सितंबर 2018 से पहले सड़क नहीं बन पाएगी। -हाकिम शर्मा, ठेकेदार

गलती स्वीकारी

पहले वाटर लाइन व सीवर लाइन बिछाने की प्लानिंग नहीं थी। पहले हम सड़क ही बनवा रहे थे। वो तो अचानक हमें अमृत योजना के प्रोजेक्ट मिल गए। इसलिए हमें उन कार्यों को भी शुरू कराना पड़ा।

-धर्मेंद्र राणा, एमआईसी मेंबर एवं जनकार्य प्रभारी, ननि, ग्वालियर

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