भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है। जो मनुष्य इसका अनुसरण करता है उसे अर्थ, धर्म, काम आैर मोक्ष, इन चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है। यह बात आचार्य गिरिराज शरण ने रविवार को देववन गार्डन रोकड़िया सरकार हनुमान मंदिर परिसर में भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए कही। कथा के आरंभ पर पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता ने भागवत ग्रंथ का पूजन आैर आचार्य कथा व्यास का स्वागत किया।
कथा से पूर्व दौलतगंज स्थित हनुमान मंदिर रावलका अग्रवाल पंचायत से कलश यात्रा शुरू हुई। इसमें सिर पर कलश धरे महिलाएं आैर उनके पीछे कथा परीक्षित कमल गर्ग, नवल गर्ग आैर उनके परिवार के सदस्य भागवत ग्रंथ को सिर पर रखकर चल रहे थे। आचार्य गिरिराज शरण शर्मा रथ पर सवार थे। आचार्य भरत शास्त्री, राजेंद्र तिवारी, अभिषेक शर्मा, राजू शर्मा आदि प्रमुख रूप से शामिल थे। कलश यात्रा महाराज बाड़ा, मोरबाजार, छत्री बाजार होते हुए कथा स्थल पर पहुंची। यहां कलश स्थापना आैर पूजन के साथ कथा आरंभ हुई। इस मौके पर नरेंद्र मंगल, हरीदास अग्रवाल, डॉ. जयवीर भारद्वाज, लालाबाबू अग्रवाल, गिरिराज अग्रवाल, अशोक गर्ग, भरोसीलाल झा सहित कई सदस्य मौजूद थे।