नई दिल्ली के लिए रवाना होते रिटायर्ड एडीजे आरके श्रीवास।
ग्वालियर| नीमच से दिल्ली तक न्याय यात्रा पर निकले सेवानिवृत्त एडीजे आरके श्रीवास शनिवार को ग्वालियर आए। रविवार को दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि प्रताड़ित करने का आशय उनका 15 माह में चार बार स्थानांतरण किया गया। वहीं जब उन्होंने इसको लेकर मप्र उच्च न्यायालय की मुख्यपीठ के बाहर धरना दिया तो मार्च 2018 में नए नियम बनाकर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय में भ्रष्टाचार की कई न्यायाधीशों के विरुद्ध विभागीय जांच प्रमाणित हो गई, इसके बावजूद उन्हें पदोन्नत किया गया। उन्होंने ये दावा किया कि उनके द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में लगाई गई अवमानना याचिका के बाद प्रदेश के सभी न्यायाधीशों को एसीआर की कॉपी अपलोड कर दी गई। इसके साथ ही उनके द्वारा जोन पॉलिसी का भी विरोध किया गया जिसे सही मानते हुए न्यायालय ने उसे खत्म कर दिया। 17 मई को बाइक पर नीमच से निकले सेवानिवृत्त एडीजे सोमवार को दिल्ली पहुंचेंगे। जहां वे राष्ट्रपति के ओएसडी से भेंट कर उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराएंगे।