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पैरेंट्स ने बच्चों को किया तैयार, निर्णायकों ने परखा टैलेंट और ड्रेस के बारे में भी पूछा

3 वर्ष पहले
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आनंद नगर निवासी परिधि शिवहरे शुक्रवार को सुबह पैरेंट्स के साथ माधव म्यूजिक कॉलेज पहुंचीं। उनकी मां अनीता उन्हें तैयार कर रही थीं और पिता उनका हौसला बढ़ा रहे थे। परिधि की तरह 60 से अधिक छात्र-छात्राएं शुक्रवार को माधव म्यूजिक कॉलेज पहुंचे। यहां उनके प्रैक्टिकल एक्जाम हुए। दोपहर 1 बजे से शुरू हुए प्रैक्टिकल के दौरान न केवल स्टूडेंट्स की प्रस्तुति देखी गईं, बल्कि उन्हें ड्रेस और डांस के बारे में कितनी नॉलेज है इसके आधार पर निर्णायकों ने अंक भी दिए। कॉलेज में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स के लिए प्रैक्टिकल दो अप्रैल को होना थे, लेकिन विवाद की स्थिति को देख तारीख आगे बढ़ा दी गई। इसमें निर्णायक की भूमिका मानव महंत ने निभाई।

माधव म्यूजिक कॉलेज के प्रैक्टिकल एक्जाम में स्टूडेंट्स ने दीं प्रस्तुति

College ‌Activity

बेहतर अंक पाने के लिए ड्रेस और मेकअप पर रहा खास ध्यान
स्टूडेंट्स ने सेल्फी भी ली।

माधव म्यूजिक कॉलेज में प्रैक्टिकल के दौरान छात्राओं ने सोलो प्रस्तुति दी। दूसरे चित्र में नृत्य करतीं परिधि।

इतने अंकों का रहता है प्रैक्टिकल | माधव म्यूजिक कॉलेज में दो सत्रों में प्रैक्टिकल सेशन हुए। इसमें कक्षा एक से 6वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए मंच प्रदर्शन के लिए 125 अंक, कक्षा 7वीं से 8वीं के स्टूडेंट्स के मंच प्रदर्शन के 150 अंक रहते हैं। बीए और एमए में मंच प्रदर्शन के लिए 150 अंक रहते हैं।

निर्णायकों ने कुछ इस प्रकार के पूछे प्रश्न| प्रस्तुति के दौरान निर्णायकों ने स्टूडेंट्स से पूछा कि कथक के देशभर में कितने घराने हैं। परन और चक्रदार परन में अंतर बताएं। कथक के अलग-अलग घराने की प्रस्तुति में किस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है।

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