पत्र लेखन हमारे देश की प्राचीन संस्कृति
पत्र लेखन हमारे देश की प्राचीन संस्कृति है। पहले लोग अपनी खबर पत्र के माध्यम से ही भेजते थे। लेकिन धीरे-धीरे अब इसका स्थान सोशल नेटवर्किंग साइट्स ने ले लिया है। यह बात उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. केएस सेंगर ने कही। वे शुक्रवार को शासकीय एसएलपी कॉलेज में आयोजित जिला स्तरीय पत्र लेखन प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि कॉलेज की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष राकेश शर्मा, विशेष अतिथि अभिमन्यु सिंह सेंगर रहे। सरस्वती वंदना भारती राठौर और देशभक्ति गीत प्रताप सिंह ने प्रस्तुत किया।
यह रहे विजेता
संस्कृत महाविद्यालय के जयकिशन शर्मा पहले, केआरजी कॉलेज की आरोही श्रीवास दूसरे और एमएलबी कॉलेज के मदार केतकर तीसरे स्थान पर रहे। संचालन धर्मेंद्र दीक्षित और आभार डॉ. बीके भारद्वाज ने जताया। अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके वैद्य ने कहा कि युवकों को पत्र लेखन के बारे में जागरूक करना जरूरी है। इस तरह की प्रतियोगिता होती रहें।
College Competition
प्रतियोगिता में 30 प्रतिभागी शामिल हुए और विजेताओं को पुरस्कार दिए गए।
छात्राओं को 1500 सेनेट्री नेपकिन का किया वितरण
केआरजी कॉलेज में शुक्रवार को वुमन डवलपमेंट सेल की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डेजी इंडिया इंटरप्राइजेज के सहयोग से हुए कार्यक्रम में छात्राओं को 1500 सेनेट्री नेपकिन का नि:शुल्क वितरण किया गया। इस अवसर पर कॉलेज की जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष हेमलता बुधौलिया, डॉ. केएस सेंगर, इंटरप्राइजेज की प्रमुख आराधना त्यागी, सेल की संयोजक डॉ. चारू चित्रा के अलावा छात्राएं मौजूद रहीं।