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पुराने बोरिंग को खंगाला तो निकला पानी, अब जनता करेगी उपयोग

3 वर्ष पहले
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वार्ड-52 के पार्षद और पीएचई इंजीनियरों की सूझबूझ काम आई

सिटी रिपोर्टर| ग्वालियर

शहर में सालों से बंद पड़ीं बोरिंग (बोर) भी जल संकट के दौरान काम आने लगी हैं। नगर निगम पीएचई के इंजीनियर और वार्ड-52 के पार्षद सुरजीत सिंह भदौरिया की सूझबूझ से दो बोर पुन: पानी देने लगे हैं। अभी क्षेत्र में 6 बोरिंग और ऐसे हैं, जो सालों से बंद पड़ी हुई हैं। पीएचई के इंजीनियरों को उम्मीद है कि उनको भी खंगालने पर पानी जरूर मिलेगा, जिससे जल संकट के दौरान क्षेत्र की जनता को भरपूर पानी मिलेगा।निगम एक तरफ करोड़ों रुपए की प्लानिंग कर नए बोर, पाइप लाइन बिछाना, टैंकर भेजने आदि की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है। वहीं पर पुराने बोरों को खंगालने का प्रयोग वार्ड-52 में सफल हो गया है। यहां पर सबसे पहला बोर प्रीतम काॅलोनी ट्रांसफार्मर के पास बंद मिला। निगम के इंजीनियरों ने उसे खुलवाया तो बोरिंग के अंदर मोटर के साथ-साथ पानी भी मिला। उसको चेक कराया गया तो पानी पीने लायक दिखा। पार्षद के कहने पर बोरिंग की मोटर को चेक कराया गया, तो मोटर भी ठीक हो गई। पीएचई अमले ने मोटर लाकर बोरिंग में डाली। जब उसे चालू करके देखा तो काफी प्रेशर से पानी बाहर आने लगा। इसके चालू होने से 50 परिवारों को पानी की सप्लाई की जाने लगी है, जिससे क्षेत्र का जल संकट कम हुआ है। यह बोरिंग छह साल से बंद पड़ी हुई थी। पार्षद श्री भदौरिया ने बताया कि पुरानी बोरिंग बंद पड़ी थीं, लोग भूल चुके थे। उसे चेक कराया गया तो पानी मिल गया है। ऐसी अभी छह से सात बोरिंग और हैं, जो काफी समय से बंद पड़ी हैं। संभवत: उसमें भी पानी निकल आएगा।

बिलगैयां का पुरा में कमरे में बंद बोरिंग
बिलगैयां का पुरा मंदिर प्रांगण के एक कमरे में बोरिंग बंद होने की सूचना मिली। यह बोरिंग पिछले पांच सालों से बंद पड़ी हुई थी। जब कमरे को खोला गया, तब उसमें भी मोटर बोरिंग के अंदर डली हुई मिली। उसे निकालकर पानी को चेक किया, तो पानी भी अच्छी मात्रा में मिला। पानी की मोटर को ठीक कराने के लिए पहुंचा दिया है। एक-दो दिन में पानी की सप्लाई लोगों तक पहुंचने लगेगी। यहां भी 40 परिवारों को पानी का लाभ मिलेगा।

एक फायदा पाइप लाइन का भी: नई बोरिंग कराने पर मिलान के लिए नई पाइप लाइन डालना पड़ती है। पुरानी बोरिंग चालू होने से मिलान पहले से ही निकल रहे हैं। इससे निगम का खर्चा भी बच रहा है। अभी दो और बोरिंग गणेश कालोनी और फर्श वाली गली में मिली हैं। उनको भी चेक कराया जा रहा है। इसके अलावा छह सात बोरिंग पुरानी हैं, जो बंद पड़ी हुई हैं।

दो पुरानी बोरिंगों में मिला पानी
यह प्रयोग सफल हुआ है। पुरानी बोरिंग को चेक कराने में दो में पानी निकल आया है। अभी बोरिंग की टेस्टिंग करना है। उनमें भी पानी मिल सकता है। इससे क्षेत्र की जनता को पानी मिलने लगा है और जल संकट भी क्षेत्र में खत्म हो रहा है। प्रवीण दीक्षित, सहायक यंत्री जल प्रदाय उपखंड लश्कर

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