एक गवाह बयान से पलटा
ग्वालियर| 35 साल पुराने हिरण्यवन कोठी मामले में बुधवार को विशेष न्यायालय में सुनवाई हुई जिसमें दो गवाहों, जंगबहादुर सिंह तोमर और रमेश पठारिया ने अपने बयान दर्ज कराए। दोनों ही गवाहों ने न्यायालय में उपस्थित आरोपियों के बारे में बताया कि घटना के वक्त ये वहां मौजूद नहीं थे। इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि घटना वाले दिन विलासराव लाड, रविंद्र सिंह भदौरिया और राम भार्गव भी वहां नहीं थे।
सुनवाई के दौरान भाजपा नेता जंगबहादुर सिंह तोमर ने बताया कि माधवराव सिंधिया ने उन्हें बुलाकर मदद करने की बात कही थी। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया था कि क्या मदद करना है?