गुलाब के अलग-अलग पैचेस, उन पर लाल रंग के धागे से एंब्राॅयडरी और इन पैचेस को असम सिल्क के फैब्रिक पर स्टिच करना। यह साड़ी देखने में जितनी खूबसूरत है, उसकी कहानी भी उतनी ही अनूठी है। इसे असम के उन महिला संगठनों द्वारा तैयार किया जाता है, जिन्हें लोग गुलाबी गैंग के नाम से जानते हैं। यहां अधिकतर पुरुष शराब पीने के कारण काम नहीं करते और घर की जिम्मेदारी महिलाएं ही संभालती हैं। इसलिए महिलाओं ने छोटे-छोटे स्वसहायता समूह बनाए और खुद ही इस काम से जुड़ गईं। यह बात शिल्पी आफताब अली ने सिटी रिपोर्टर से चर्चा में कही। एक साड़ी 15 दिन में बनती है।
संभागीय हाट बाजार में लगे हैंडीक्राफ्ट मेले में सैलानियों को मिली कई वैराइटी
Handy Craft Mela
मोदी और नेहरू कट कुर्तों की मांग
मेरठ से आए अब्दुल खालिद के स्टॉल पर खादी की शर्ट और कुर्तों की डिफरेंट वैराइटी देखी जा सकती है। उनके यहां मोदी और नेहरू कट जैकेट एवं कुर्ते उपलब्ध हैं। इसके अलावा खादी में सिल्क खादी, लिनेन खादी और कॉटन खादी की शर्ट भी देखी जा सकती हैं। इन शर्ट की कीमत 250 से 450 रुपए और कुर्तों की कीमत 450-500 रुपए हैं। उन्होंने बताया कि तपती धूप में खादी बेस्ट ऑप्शन है। इसमें पसीने को सोखने की क्षमता होती है। साथ ही स्किन पर एलर्जी भी नहीं होती।
15 साल पुरानी अटैची और लेदर के बैग
आगरा के स्टॉल पर लेदर से बने डिजाइनर पर्स, बैग, ट्रॉली बैग, की-रिंग और बेल्ट की वैराइटी आई है। शिल्पी रामकुमार गुप्ता ने बताया कि उनके स्टॉल पर 15 साल पुरानी अटैची का भी कलेक्शन है। यह आकार में छोटी है, लेकिन इसमें महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स रखे जा सकते हैं। इसके दोनों साइड में प्योर लेदर को स्टिच कर अटैची का लुक दिया गया है। नंबरिंग लॉक होने की वजह से ये सेफ हैं। इसमें अलग से ताला डालने की जरूरत नहीं है। इनकी कीमत एक हजार रुपए से लेकर ढाई हजार रुपए तक है।