अपडेट नहीं हो पाए स्कूलों के रिजल्ट खसरों की नकल का काम भी प्रभावित
लिपिक वर्गीय कर्मचारी शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे।इसके चलते ऑफिसों में काम के लिए गए लोगों को निराश लौटना पड़ा। अधिकांश सरकारी दफ्तर सूने पड़े थे। क्लर्कों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। दोपहर में हड़ताल पर गए क्लर्क मोती महल में एकत्र हुए और यहां पर नारेबाजी की। क्लर्कों की दो दिन की हड़ताल शुक्रवार शाम समाप्त हो गई।
विभिन्न मांगों को लेकर सभी विभागों के क्लर्क हड़ताल में शामिल रहे। इनमें आबकारी, भू अभिलेख, कलेक्टोरेट, कोषालय, वन विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, आयुक्त राजस्व, शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, पशुपालन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग शामिल हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से सभी विभागों के सबसे ज्यादा वित्तीय कार्य प्रभावित हुए। इसके अलावा पत्राचार भी ठप रहा। इसके अलावा मुरार, गोरखी और घाटीगांव तहसील कार्यालय में नामांतरण, सीमांकन, बंटवारे, कोर्ट पेशियों, सूखा राहत के काम प्रभावित रहे। शिक्षा विभाग में रिजल्ट, डाटा कंप्यूटराइजेशन, संविलियन, रिजल्ट का काम प्रभावित हुआ।
कर्मचारियों को अभी तक नहीं मिल सकी सैलरी: क्लर्कों के हड़ताल पर रहने से सरकारी कर्मचारियों को अभी तक वेतन भी नहीं मिल सका है। मप्र लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि सभी कर्मचारियों को 12 तक सैलरी मिल जाती थी। लेकिन अभी सिर्फ 10 फीसदी कर्मचारियों को ही सैलरी मिल सकी है। शुक्रवार को मप्र लिपिक संघ के राघवेंद्र दीक्षित, शशिकला बोकडे, रामनिवास मुद्गल, राजीव श्रीवास्तव, जितेंद्र सिंह यादव, अनिल पांडेय, मनोज देवलिया, चंद्रकांत मिश्रा, आरएस तोमर, साधना श्रीवास्तव आदि हड़ताल पर रहीं।
कर्मचारियों की यह हैं मांगें
मांगों में वेतन विसंगति दूर करने, रमेश चंद्र शर्मा समिति की 23 सूत्रीय अनुशंसा लागू करने, लिपिकों के ग्रेड पे में सुधार करने, वत्तिकर कटौती समाप्त करने की मांग शामिल है।
मोतीमहल में हड़ताल पर बैठे लिपिक। दूसरे चित्र में सूने पड़े दफ्तर। फोटो: भास्कर
29 को भोपाल में रैली निकालेंगे वन कर्मचारी, मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल 5 मई से
वन विभाग में तैनात कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 29 अप्रैल को भोपाल में रैली निकालेंगे। इससे पहले वन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 17 फरवरी को हड़ताल पर जा चुके हैं। फील्ड वर्क करने वाले कर्मचारियों के अलावा ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी भी रैली में शामिल होंगे। वन कर्मचारियों के मांगों को रेंजर्स एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है। मप्र वन कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, जिलाध्यक्ष प्रमोद चतुर्वेदी ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से मांगों को लेकर परेशान हो रहे हैं।इस मामले में कई बार आश्वासन मिला लेकिन कुछ नहीं किया गया। यदि कर्मचारियों की मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो 5 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
इंजीनियर्स एसोसिएशन 16 व 17 को क्रमिक भूख हड़ताल पर
मप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन तीन सूत्रीय मांगों को लेकर दो दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल पर रहेगा। हड़ताल की शुरुआत भोपाल होगी। एसोसिएशन के महामंत्री रविंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि शासन की बेरुखी के चलते उनका संगठन 16 व 17 अप्रैल को भूख हड़ताल कर रहा है। संगठन ने केंद्र के समान प्रारंभिक वेतनमान, ग्रेड पे 4800 रुपए करने एवं 30 वर्ष की सेवा पूरी करने पर तृतीय पदोन्नति वेतनमान 7600 करने की मांग की है। इसके साथ ही संविदा कर्मियों/ दैनिक वेतन भोगी पद पर कार्यरत डिप्लोमा इंजीनियर्स को पदस्थापना पर नियमित करने की मांग मुख्य है। श्री कुशवाह का कहना है कि उनकी यह मांगे पिछले 5 वर्ष से लंबित है लेकिन शासन पूरी नहीं कर रहा।