अफसरों की लापरवाही आैर हिंसा की सीबीआई जांच की मांग पर फैसला सुरक्षित
ग्वालियर| 2 अप्रैल को जो हिंसा हुई, उसे होने से रोकने और उस पर काबू पाने में स्थानीय अफसर पूरी तरह से फेल रहे। अफसरों की लापरवाही के कारण हिंसा बढ़ी और बड़ा नुकसान हुआ। इस केस में सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। यह बात हिंसा-उपद्रव से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान एडवोकेट उमेश बौहरे ने हाईकोर्ट में जस्टिस संजय यादव व जस्टिस एके जोशी की युगलपीठ में रखी। श्री बौहरे ने हाईकोर्ट को बताया कि अफसरों ने अपनी रिपोर्ट में उस दिन सुबह 9 बजे तक कोई हिंसा-तोड़फोड़ न होना बताया है जबकि दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के मुताबिक सुबह 8.30 बजे से ही तोड़फोड़ शुरू हो चुकी थी। श्री बौहरे ने बताया कि हाईकोर्ट ने इस मामले निर्णय सुरक्षित रख लिया है। उधर शनिचरा मंदिर सड़क के मामले में केंद्र सरकार के बजट ऑफिसर शुक्रवार को हाईकोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। एडवोकेट आरके सोनी ने बताया कि इस मामले में बजट ऑफिसर को उपस्थित होकर जवाब देना था।