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हड़ताल के बहाने स्कूल बसों का किराया बढ़ाने की तैयारी, डीईओ बोले-किमी के हिसाब से तय होगा

3 वर्ष पहले
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परिजन | स्कूलों को परिजन अभी 1300 से 1500 रुपए प्रति बच्चे का बस किराया दे रहे हैं। यदि अब किराया बढ़ाया गया, तो परिजनों पर 15 से 20 प्रतिशत तक का फीस भार हर महीने बढ़ेगा।

बस संचालक | बस स्टाफ की सैलरी बढ़ाने पर बस संचालकों पर ड्रायवरों को दिया जाने वाला पीएफ व दूसरे टैक्स का भी भार बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में बस संचालक प्रत्येक बच्चे की फीस में 300 रुपए हर माह की बढ़ोत्तरी कर सकते हैं।

स्कूल संचालक | यह मामला बस संचालक और ड्रायवर-क्लीनर के बीच का है। इसलिए स्कूलों पर इसका सीधा कोई असर नहीं पड़ रहा। लेकिन स्कूल प्रबंधन को यह देखना होगा, कि बच्चे अवैध वाहनों से तो नहीं आ रहे।

मामले में रिपोर्ट देखकर निर्णय लिया जाएगा

बस ड्राइवरों का कहना है कि उनकी व क्लीनर की सैलरी काफी कम है। मामले में रिपोर्ट देखकर निर्णय लिया जाएगा। नियमों के अनुसार सैलरी व सुविधा स्कूलोंको देनी होगी। किराया बढ़ने की बात है तो उस पर भी नियंत्रण रखने का प्रयास होगा। - राहुल जैन, कलेक्टर

बस किराया बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं

मौजूदा किराए में बस स्टाफ की सैलरी बढ़ाने की स्थिति नहीं हो सकती और सैलरी के साथ दूसरे खर्चे भी बढ़ेंगे। ऐसी स्थिति में हमें बच्चों का बस किराया बढ़ाना पड़ेगा, उसके अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। - नीलू भदौरिया, अध्यक्ष/ स्कूल बस ऑपरेटर

अभी यह है सैलरी

जिला पंचायत में 9 मई को हुई बैठक में भारतीय प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह कुशवाह और स्कूल बस चालक परिचालक संघ ग्वालियर के अध्यक्ष अजय सिंह जादौन ने अधिकारियों को बताया था कि ड्रायवरों को 6 हजार व क्लीनर को 2500 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता है। जबकि, बस ऑपरेटरों ने बताया कि ड्रायवरों की सैलरी 8 हजार रुपए सैलरी है और उन्हें पीएफ व अन्य सुविधाएं देने के बाद यह सैलरी 10 हजार 800 रुपए होती है।

विचार करने के बाद निर्णय लेना चाहिए

बच्चों की सुरक्षा का पूरा जिम्मा स्कूल प्रबंधन का तय कर दिया है। बस किराया बढ़ने पर यदि परिजनों ने बच्चों को ऑटो-वैन से भेजना शुरू किया, तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर समस्या खड़ी हो सकती है। - कौशलेंद्र सिंह चौहान, अध्यक्ष/ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ग्वालियर

किलोमीटर के हिसाब से तय होगा किराया

मुरैना में किलोमीटर के हिसाब से स्कूल बसों का किराया तय कराया गया था। कलेक्टर राहुल जैन के साथ बैठक कर ग्वालियर में भी इसी प्रकार किराया तय किया जाएगा। ऐसा होने पर किसी भी पक्ष पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। - आरएन नीखरा, डीईओ

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