हाईकोर्ट के निर्देश : नई बसों पर ही लागू होगी 15 वर्ष के मॉडल की कंडीशन
ग्वालियर| बसों की मॉडल कंडीशन पर इंदौर हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पुरानी बसों शासन के मॉडल कंडीशन के निर्णय को स्टे कर दिया है। शासन ने दो माह पूर्व 15 वर्ष से पुरानी बसों के संचालन पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए हैं कि शासन का मॉडल कंडीशन का नियम लागू होने से पहले रजिस्टर्ड वाहनों पर इसे लागू नहीं किया जा सकता। पुराने फिटनेस प्रमाण पत्र वाली बसों का संचालन किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2018 में शासन ने 15 वर्ष पुरानी स्कूल बसों के संचालन पर रोक लगा दी थी। हालांकि बसों की मॉडल कंडीशन को लेकर शासन के इस निर्णय को लेकर अभी अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है। स्कूल बसों के संचालन को लेकर आपरेटरों का कहना है कि उनकी बस एक वर्ष में अधिकतम 8-10 हजार किलोमीटर संचालित होती है, जबकि कंपनियों की ओर से गारंटी पीरियड 4-5 लाख किलोमीटर या तीन वर्ष निर्धारित है। स्कूल बस 10-12 वर्ष में अपने गारंटी पीरियड को भी पूरा नहीं
हाईकोर्ट के निर्देश की जानकारी नहीं है। आदेश की कॉपी देखने के बाद ही पालन होगा। डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव, परिवहन आयुक्त,मप्र
हाईकोर्ट के आदेश की प्रति परिवहन आयुक्त को भेज दी गई है। स्कूल बसों पर माडल कंडीशन लागू करना गलत है। नीलू भदौरिया, अध्यक्ष, स्कूल बस ऑपरेटर एसोसिएशन