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घटना को बुरा सपना समझकर भुला दीजिए, ग्वालियर इतना बुरा भी नहीं

3 वर्ष पहले
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डकैती की घटना की शिकार हुईं पीड़ित वृद्धा विनीता उपाध्याय को लगातार जन समर्थन मिल रहा है। शनिवार को भी वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्थान से जुड़े एक दर्जन बुजुर्ग पीड़ित वृद्धा से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आप डकैती की घटना से घबराकर शहर न छोड़ें। उस घटना को आप बुरा सपना समझकर भुला दीजिए। बुजुर्गों ने पीड़ित वृद्धा से कहा कि वे खुद को शहर में अकेला न समझें, वे सब उनका साथ देने तैयार हैं। ग्वालियर इतना भी बुरा नहीं है कि आप डरकर शहर छोड़ दें।

जन समर्थन मिलता देख पीड़ित वृद्धा भावुक हो गईं। उन्होंने सभी से कहा कि अब लग रहा है कि मैं इस शहर में अकेली नहीं हूं। बहुत अच्छा लगा कि शहरवासियों का साथ मुझे इस तरह से मिल रहा है। लेकिन मैं कुछ समय भोपाल में रहकर खुद को तनावमुक्त करना चाहती हूं। उनके बेटे अमित उपाध्याय ने भी मिलने आए बुजुर्गों से कहा कि वे पूरी तरह से ग्वालियर से नाता नहीं तोड़ेंगे। उनकी मां अगर कुछ समय के लिए भोपाल में रह लेंगी तो उनका मन हल्का हो जाएगा। इस बीच लक्ष्मीबाई कॉलोनी स्थित अपने मकान नंबर 81 में सुरक्षा से जुड़े इंतजाम भी जुटा लेंगे। वृद्धा विनीता उपाध्याय से मिलने रामनिवास साहू, शिवकुमारी, मंजू श्रीवास्तव, अशोक तूफान, टीएस सक्सेना, कमलेश तिवारी, गोपाल सिंह आदि मिलने पहुंचे। बुजुर्गों का दल खेड़ापति कॉलोनी स्थित अकेले रह रही बुजुर्ग महिला नलिनी श्रीवास्तव से भी मिलने पहुंचे। उनके पति दिवंगत डॉ एसएम श्रीवास्तव थे। उनकी मृत्यु के बाद वे काफी अकेली हैं। उनको भी मदद और हिम्मत बंधाने बुजुर्ग उनके घर पहुंचे थे।

डकैती पीड़ित वृद्धा के घर पहुंचे लोग। फोटो: भास्कर

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