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डॉक्टरों ने एमएस व प्रिंसिपल को लिखा पत्र, गायनी में 13 खामियों को सुधारो तभी होगा मरीजों का इलाज

3 वर्ष पहले
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हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने के मामले को लेकर दावे चाहे जितने भी बड़े किए जा रहे हो, लेकिन असलियत यह है कि यहां अभी भी खामियां ही खामियां हैं। जबकि एमसीआई की टीम किसी भी वक्त यहां का दौरा कर सकती है।

गायनी विभाग में डॉक्टर्स ने 13 खामियों को शीघ्र सुधारने के लिए एमएस और प्रिंसिपल को लिखित चिट्ठी भेजकर साफ कह दिया है कि जब तक इन्हें नहीं सुधारा जाता तो मरीजों का इलाज कैसे हो सकता है।

उन्होंने कहा है कि मौजूदा हालात ऐसे हैं, जहां व्यवस्थागत इन खामियों की वजह से काम करने में अच्छी-खासी दिक्कत आनी शुरू हो गई है। मतलब साफ है कि यहां मेडिकल कॉलेज चलाने के मामले को लेकर अभी भी खामियों का अंबार है। यह तो अभी गायनी विभाग की बात हुई है जिस पर डॉक्टर को चिट्ठी लिखने पर मजबूर होना पड़ा है। अन्य विभागों की हालत भी ऐसी ही है, लेकिन क्योंकि इस विभाग ने बीती 4 अप्रैल को काम करना शुरू कर दिया है। डॉक्टर का कहना है कि इन अस्पताल में मरीजों का बेहतर इलाज नहीं हो सकता। ना तो ओटी,ओपीडी, लेबर रूम और रोगी बारड एक फ्लोर पर हैं, और ना ही कई और सुविधाएं यहां बराबर मुहैया करवाई गई हैं।

विभागीय डॉक्टरों ने एमएस और प्रिंसिपल को लिखी पाती, काम करने में हो रही दिक्कत

ये समस्यां सुधारी जाए
जिन समस्याओं का जिक्र किया है उनमें ब्लड बैंक में टेक्नीशियन का 24 घंटे उपलब्ध होने की मांग की है। जो सप्ताह भर के सभी दिनों में उपलब्ध रहे। दो स्टाफ नर्सों की मांग की गई है जो पोस्टमार्टम को लुक आफ्टर करें और 24 घंटे के लिए उनकी सेवाएं उपलब्ध हो। पोस्टमार्टम को लेकर रिकॉर्ड की देखभाल भी इन्हीं स्टाफ नर्सों के हवाले हो सके। लेबर रूम रोगी बाड में नर्सेज की ड्यूटी प्रॉपर होनी चाहिए सफाई व्यवस्था बेहतर हो इसके लिए एक सफाई कर्मचारी रेगुलर आधार पर नियुक्त हो।

स्टाफ नर्स की ड्यूटियां हो सुनिचिश्त | नवजातों के लिए एक ट्रेड स्टाफ नर्स की ड्यूटी भी सुनिश्चित बनाई जाए। ट्राली और लेबर रूम टेबल भी अब प्रॉपर मुहैया करवाया जाएं। लेबर रूम में लाइट की व्यवस्था दुरुस्त किया जाए। आपातकालीन व्यवस्था में लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। उसके लिए अस्पताल के पास ही उसकी आवासीय सुविधा होनी चाहिए, ताकि वह झट से जरूरत पड़ने पर पहुंच सके।

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