उधार की व्यवस्था जांचने आज आ सकती है एमसीआई टीम
‘कुछ इधर से, कुछ उधर से’, इसी जोड़-तोड़ को आधार बनाकर एमसीआई की टीम को मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दिलाने के लिए यहां औपचारिक रूप में उधार की तैयारियां तो मुकम्मल कर दी गई हंै। लेकिन एमसीआई की टीम अभी आएगी भी कि नहीं। क्योंकि इन्हीं तैयारियों को लेकर सोमवार को व्यवस्था चाक चौबंद की गई थी, लेकिन टीम नहीं आई। अब मंगलवार को टीम के आने की उम्मीद जताई जा रही है। आएगी या नहीं? यह तो वक्त ही बताएगा । इतना तय है कि यह मेडिकल कॉलेज इस साल से खुल पाएगा या नहीं, यह मामला अब प्रशासनिक दृष्टि से गले की हड्डी बन चुका है। वहीं, नेता बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। मगर प्रशासनिक अमला शिमला और दिल्ली स्तर पर बेजान दिख रहा है। ऐसे में एमसीआई की टीम की इंतजार भी यहां हंसी का पात्र बन गई है।
खाली हुई जगह में नए पेड़ लगा दिए
पुराने सीएमओ ऑफिस को तब्दील करने के बाद खाली हुई जगह में नए पेड़ लगा दिए हैं। यह बेड भी कई एमपी डब्ल्यू,स्पेशल वार्ड और ड्राइवरों के कमरों से निकाल कर सजा तो दिए गए हैं, लेकिन इससे होगा क्या? केवल गिनती पूरी करने की व्यवस्था हो रही है। यही स्थिति डॉक्टर्स की है कोई टांडा से मंगवाए गए हैं तो कोई घुमारवीं से टेन्योर बेसिस पर मंगवा लिए गए हैं। मतलब साफ है की टीम की आंखों में धूल झोंकने की पूरी तैयारियां मुकम्मल तौर पर करने की हर संभव कोशिश तो की ही जा रही है, फिर भी यदि हिमाचल सरकार उस में कामयाब नहीं होगी।
सत्र शुरू होगा या नहीं इस पर डाउट
गौर रहे बीते रोज नेरचौक में एमसीआई की टीम वहां की व्यवस्थाएं जान चुकी है और अब हमीरपुर की बारी है। इस बारी की इंतजार लंबी तो हो ही रही है क्लास में शुरू हो पाएंगी इस सत्र से, यह तलवार भी अब लटकती हुई चमकने लगी है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ अनिल चौहान का कहना है कि एमसीआई की टीम बगैर बताए व्यवस्थाएं जांचती है ।उम्मीद की जा रही है लेकिन कब आएगी, अभी इसका उन्हें भी पता नहीं है। हमारे यहां तैयारी मुकम्मल तौर पर कर ली गई है।