एडीसी साहब! जिला मुख्यालय में पुस्तकालय की दयनीय हालत है। इसके खुलने का समय सुबह 8:00 से शाम 8:00 बजे तक करवा दो ताकि वह इस समय में वहां पुस्तकों को पढ़ कर अपना ज्ञान बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा से संबंधित जानकारियों को भी आसानी से एकत्र कर सकें। यह कहना है वहां पहुंचने वाले रीडर्स का। शुक्रवार को एडीसी र| गौत्तम को भारत की जनवादी नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष अनिल की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधि मंडल ने उनसे मुलाकात कर जहां अपनी मांगों को रखा, वहीं ज्ञापन भी सौंपा और इसमें सुधार की मांग को उठाया। उनका कहना था कि यहां चूंकि महिला और पुरुष दोनों ही किताबी ज्ञान के लिए जाते हैं, ऐसे में पुस्तकालय में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग शौचालयों की भी व्यवस्था न होने से परेशानी हो रही है। पुस्तकालय में प्रॉपर बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है। पढ़ने वालों की संख्या अधिक है और बैठने की क्षमता बहुत ही कम। अर्चना देवी, अनीता, कल्पना, पूनम, ज्योति, कोमल, आरती, गौरव, विकास, अंकित, विकास, अरविंद, निशा, लता, सौरभ, सुरेश, अभिकरण, विवेक ठाकुर, दीपक, अमित, सुनील व विकास सहित कई रीडर्स का कहना था कि पुस्तकालय में पीने के पानी का भी उचित प्रबंध नहीं है, रोशनी और पंखों का भी उचित प्रबंध जरुरी है, बैठने वाली कुर्सियों की हालत दयनीय व समय सारिणी भी एक समस्या है। इन सारी समस्याओं को लेकर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स पहले भी जिला प्रशासन के समक्ष गुहार लगा चुके हैं।
पढ़ने वालों की संख्या अधिक, बैठने की क्षमता है कम, रीडर्स ने सौंपा ज्ञापन
पुस्तकालय की हालत सुधारने को लेकर एडीसी को ज्ञापन सौंपते जाते रीडर्स।