कर्नाटक में जिस तरह बहुमत न होते हुए भी भाजपा ने लोकतांत्रिक परंपराओं को ताक पर रखते हुए सत्ता हथियाई और फिर सदन में बिना बहुमत साबित किए जिस तरह यदुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया, उससे भाजपा को न केवल झटका लगा है बल्कि यह भी साबित हो गया है कि भाजपा का एकमात्र मकसद येन-केन-प्रकारेण कुर्सी हथियाना ही रह गया है।
यह बात सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही। राणा ने कहा कि अगर देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस प्रकरण में दखल न दिया होता, तो भाजपा ने खरीद-फरोख्त की संस्कृति को बढ़ावा देकर लोकतंत्र की हत्या करने में कोई कसर शेष नहीं रखी थी।
यदुरप्पा द्वारा कर्नाटक के विधानसभा सदन में यह कहना कि उन्हें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मुख्यमंत्री बनाया है, यह साबित करता है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व किस तरह लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रख कर तानाशाही पूर्ण रवैया अपना रहा है।
उन्होंने कहा कर्नाटक में लोकतंत्र के अपहरण के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को देश से माफी मांगनी चाहिए। कर्नाटक के राज्यपाल ने राजभवन की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है, लिहाजा उन्हें फोरन उनके पद से हटाया जाना चाहिए।