आगामी लोस चुनावों की तैयारियों को लेकर शनिवार को बचत भवन में देर शाम तक चली हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ता सम्मेलन में अनदेखी और गुटबाजी की टीस पर वर्करों ने नेताओं पर खूब भड़ास निकाली। एक बार स्थिति यह आ गई, जब हिमाचल की सहप्रभारी रंजीता रंजन की मौजूदगी में कुछ कार्यकर्ता उलझ गए और सहप्रभारी को इस स्थिति में एक पूर्व पार्षद को सम्मेलन से बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा। रंजीता इस सम्मेलन में दोपहर करीब 2:00 बजे देरी से पहुंची, लेकिन उनके आने के बाद यह तय हो गई कि इस सम्मेलन में मंच पर बैठे नेताओं के भाषण नहीं होंगे और वर्कर्स जब तक अपना गुब्बार निकालेंगे, सहप्रभारी उनको सुनेंगी। यह सिलसिला करीब शाम करीब 6:45 तक चलता रहा।
इस सम्मेलन में जितने भी कार्यकर्ताओं ने गुब्बार निकाला, यह बात साफ दिखी कि गुटबाजी की वजह से वे बेहद खफा हैं। संगठन और सत्ता की पायदान पर बैठे नेताओं के रवैये पर भी खूब कटाक्ष हुए। एक-दूसरे को निशाना बनाया गया, लेकिन 17 विस क्षेत्रों से आए सैकड़ों वर्कर्स में सुजानपुर और ऊना विस क्षेत्रों से जीते विधायकों को इसमें खूब केंद्रित किया गया। सुजानपुर में संगठन के मुद्दे पर जब जिलाध्यक्ष, विधायक और संगठन के विवाद पर बोल रहे थे तो उस समय ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा ने भी किसी डॉ. अशोक की बात करके माहौल को गर्माहट में बदल दिया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि चार माह तक टाली गई बैठक नहीं हुई। इस मुद्दे पर उन्होंने इस्तीफा देने को तैयार होने की भी बात कह डाली। ज्वालामुखी के नरदेव कंवर ने पूर्व विधायक संजय र| पर कुछ दिन पहले मौजूदा सीएम के स्वागत में जुटे होने पर नाराजगी जताई। जबकि बड़सर के विधायक आईडी लखनपाल ने वीरभद्र आैर सुक्खू दोनों को मिल-बैठकर गुटबाजी को विराम देने की बात कह डाली। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों को खत्म करके पार्टी नाराज लोगों को फिर से मुख्य धारा में लाना चाहिए, जबकि विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि मैं दो बार लोस चुनाव में बलि का बकरा भी बनता रहा हूं।
उन्होंने यह भी कहा कि हमारे कुछ सीनियर नेताओं के कान कच्चे हैं, जबकि मुकेश अग्निहोत्री ने सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा और ऊना के सतपाल रायजादा की जीत पर कहा कि इस संसदीय क्षेत्र में इन दोनों ने कांग्रेस को बड़ी राहत देने का काम किया है। पूर्व चेयरमैन बीआर राही ने कहा कि मंच पर बैठने वाले कमांडर जब एक हो जाएंगे तो कांग्रेस का वर्कर और पार्टी स्वतः ही मजबूत हो जाएगी। अलग-अलग विस क्षेत्रों के करीब दो दर्जन कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त तरीके से अपनी बात रख कर गुटबाजी की टीस का अहसास करवाया। जबकि पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया ने कहा कि अब हम सब को इकट्ठे होकर काम करने की जरूरत है। हमीरपुर के ब्लॉक अध्यक्ष सुनील ने यहां तक कहा कि विस टिकट के लिए 12 लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन जब पठानिया को टिकट मिला, तो 11 ने पार्टी काम करने से मुंह फेर लिया।
ऐसे पार्टी कैसे मजबूत होगी, जबकि पूर्व पार्षद अजय ने भी सत्ता में बैठे नेताओं पर कटाक्ष किए और कहा कि पिछली बार अपनी सरकार होते हुए भी लोगों के काम सचिवालय में लटके रहते थे। सुजानपुर के कई वर्कर्स ने कहा कि धरातल पर जो काम करेगा, पब्लिक उसके साथ है। राणा को इसका फायदा मिला है। सुक्खू ने विधायक राजेंद्र और सतपाल को बधाई देकर उनकी तारीफ की और कहा कि इनकी बदौलत इस लोस क्षेत्र में कांग्रेस को और फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मैं वीरभद्र का विरोधी नहीं हूं। हम मिल कर आगामी लोस चुनावों में जाएंगे और 25 साल के इस सीट पर भाजपा के कब्जे को रोकने के लिए इस बार के सफर को सुहावना बनाएंगे। मैं वर्कर्स की पीड़ा को समझता हूं। आज मैं दावे से कह सकता हूं कि प्रदेश में कम से कम तीन सीटें जीतने की स्थिति में हम पहुंच चुके हैं।
स्थानीय बचत भवन में आयोजित कांग्रेस सम्मेलन में मौजूद प्रदेश सहप्रभारी, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष व अन्य।
संगठन के लिए एकजुट होकर करें काम
हिमाचल की सहप्रभारी रंजीता रंजन ने इस सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को कहा कि वीरभद्र सिंह की आलोचना करने से कुछ नहीं बनेगा, नेता वही होता है जो अपने पार्लर किसी अन्य को खड़ा न होने दे, मगर संगठन को अपनी मजबूती के जरिए बराबर खड़े होकर राजनीति में अपनी मौजूदगी का अहसास करवाना चाहिए। यही राजनीति है। उन्होंने संगठन से जुड़े कई कर्ताधर्ताओं को भी नसीहतें भी खूब दीं और कहा कि पहले जमीन बनाओ, फिर उम्मीदवारी की सोचो। नहीं ताे पुराने ठर्रे पर ही सीमित वोट लेकर इतिश्री हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि धरने-प्रदर्शन करके मीडिया की सुर्खियों में जरूर रहिए, मगर ग्रामीण स्तर पर यह जरूर देखिए कि आम आम आदमी आपके साथ चल रहा है कि नहीं। रामलाल ठाकुर को दो चुनाव की बलि का बकरा बनाया गया। इस बार वे जीते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्कर्स की यह मांग कि लोस चुनाव से चार-पांच माह पहले उम्मीदवार तय हो जाए, इस पर काम होगा। उन्होंने कहा कि यहां कोई नेता भाषण नहीं देगा। मुझे सुक्खू या वीरभद्र की बात नहीं सुननी है कि कौन किसकी साइड है। सम्मेलन में केवल कांग्रेस की ही बात की जानी है। उनका कहना था कि हमीरपुर की जमीन कैसी है और कौन नेता जीत दर्ज करवा सकता है, उसका क्या जनाधर है और कार्यकर्ताओं की क्या राय है, वही कहा जाए।
बचत भवन में आयोजित कांग्रेस सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ता।
पूरी मजबूती से लड़ेंगे लोस चुनाव : रंजीता
कांग्रेस मजबूत है और हिमाचल क्या पूरे देश में मोदी के खिलाफ हवा चल रही है। रंजीता रंजन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2019 को लोकसभा चुनाव कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी और जीत भी हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि वे यहां देखने आई हैं कि प्रदेश में कांग्रेस के वर्कर की सोच कैसी है और भविष्य के लिए उसकी रणनीति क्या है। कर्नाटक विधानसभा का जिक्र करते हुए रंजीता रंजन ने कहा कि भाजपा जोर-जबरदस्ती करके सत्ता हथियाना चाहती है। सुप्रीमकोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी वर्ष 2014 में लोगों को मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाकर सत्ता में आए थे। लेकिन अब वे पूरी तरह से एक्सपोज हो चुके हैं। जनता उनकी असलियत जान चुकी है। हमीरपुर में पिछले 25 साल से बीजेपी की ताजपोशी रहने के सवाल पर सहप्रभारी ने कहा कि लोगों को अब यह देखना होगा कि जो यहां 25 साल से टिके रहे उन्होंने जनता के लिए क्या किया और उनके साथ कैसे संबंध रखे और हमीरपुर के लोगों को कितना सम्मान दिया। कार्यकर्ता बचत भवन में सुबह 10:00 बजे से ही कार्यक्रम की शुरुआत होने के इंतजार में पहुंच गए थे, लेकिन यह सहप्रभारी के देरी से पहुंचने के कारण देरी से शुरू हो सका। रंजना ने कहा कि वह दो घंटे की देरी से पहुंची हैं, इसका कारण फ्लाइट का लेट होना है।