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गोबिंद सागर झील का जलस्तर हुआ कम, प्रभावित हो रही मोटरवोट सेवा

3 वर्ष पहले
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मंदली और लठियानी का एरिया दो हिस्सों में बंटा है। क्योंकि दोनों के मध्य में गोबिंद सागर झील पड़ती है। पुल न होने से आर-पार बसे लोगों के आने जाने का मोटरबोट ही एकमात्र साधन है। जो है तो किफायती, मगर जोखिम भरा है। अब झील के आर पार बसे गांवों के लोग जल्द पुल निर्माण की मांग करने लगे हैं। बजह साफ है, गर्मियों में झील का जलस्तर काफी नीचे चला जाता है। इन दिनों भी ऐसी ही स्थिति है। पहली बार झील का जलस्तर इतना नीचे चला गया है, अगर यही स्थिति रही तो आठ दस दिन के भीतर मोटरवोट सेवा प्रभावित हो सकती है। क्योंकि मंदली और बीहडू की तरफ से आने वाले लोगों को मोटरवोट पकड़ने के लिए डोह के टापू तक पैदल आना पड़ रहा है। लठियानी की तरफ से आने वाले लोगों को झील में नीचे तक जाकर मोटरवोट पकड़ना पड़ रहा है। जिससे गर्मी के मौसम में लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

उधर, दो हिस्सों में बंटे इस एरिया को आपस में जोड़ने की उम्मीद बंध गई है। क्योंकि इसी एरिया से नेशनल हाईवे 503 बनाया जाना है। जिससे मंदली और लठियानी के मध्य गोबिंद सागर झील पर पुल निर्माण हो सकेगा। इस एनएच की कंसलटेंसी के लिए अभी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद ही पुल की अलाइनमेंट फाइनल हो सकेगी। झील पर पुल बनने से जहां कनेक्टिविटी बेहतर होगी, वहीं आर-पार बसे लोगों को आने जाने में सुविधा होगी। साथ ही ऊना से हमीरपुर की दूरी लगभग 20 किलोमीटर कम हो जाएगी।

ऊना से हमीरपुर की दूरी होगी 20 किलोमीटर कम

मंदली और बीहडू के लोगों को डोह के टापू तक आना पड़ रहा है पैदल

ऊना: गोबिंद सागर झील में मोटरवोट में आते लोग।

सर्वे रिपोर्ट से आगे नहीं बढ़ पाई पुल बनाने की योजना

पिछले लगभग तीन दशक से गोबिंद सागर झील पर मंदली से लठियानी के बीच पुल निर्माण की मांग उठ रही है। इतने अर्से में झील पर पुल निर्माण की भाजपा और कांग्रेस सरकारों में योजना भी बनी। लेकिन बात सर्वे रिपोर्ट से आगे नहीं बढ़ पाई। इस एरिया से अब नेशनल हाईवे 503ए निकल रहा है, जिसका ऊना से बसोली, पीरनिगाह, बीहडू होते हुए लठियानी में हाईवे से लिंक जुड़ेगा। हाईवे बनने से झील पर पुल निर्माण का सपना भी साकार होगा। जिससे बीहडू, मंदली, रायपुर मैदान, कोलका, दोबड़, डोहक, बुढ़ार, डोह सहित कई अन्य गांवों के लोगों को सुविधा होगी। इन गांवों के लोगों की लठियानी, बड़सर, भोटा, हमीरपुर इत्यादि स्थानों के लिए झील के रास्ते आवाजाही होती है।

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