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एफआईआर के बाद बिजली निगम व अस्पताल प्रशासन आमने-सामने

3 वर्ष पहले
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सिविल अस्पताल में जमीन पर खुले में रखे ट्रांसफार्मर से आठ साल के बच्चे के झुलसने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद बिजली निगम और सिविल अस्पताल प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। निगम के अधिकारियों ने पुलिस को लिख कर दिया कि ट्रांसफार्मर की जिम्मेदारी सिविल अस्पताल की है। उनका इससे कोई लेना देना नहीं है। वहीं, अस्पताल का कहना है कि ट्रांसफार्मर बिजली निगम द्वारा लगाया गया।

प्रेम नगर निवासी आठ वर्षीय अमित जनवरी में सिविल अस्पताल में खुले में महज दो फीट की ऊंचाई पर रखे ट्रांसफार्मर से झुलस गया था। झुलसे बच्चे का उपचार के दौरान हाथ काटना पड़ा। परिजनों द्वारा मामले में पुलिस को शिकायत दी गई थी। पुलिस ने मंगलवार को बिजली निगम के एसडीओ, जेई, लाइनमैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मामला दर्ज होने के बाद बिजली निगम हरकत में आ गया।

निगम ने बुधवार को अपना जवाब पुलिस को सौंपा। निगम के जवाब में कहा गया है ट्रांसफार्मर सिविल अस्पताल का है तो उसे ढकने का काम भी सिविल अस्पताल को करना था। निगम की कोई जिम्मेदारी नहीं है। वहीं,सिविल अस्पताल प्रशासन से अभी तक मामले में पूछताछ नहीं हुई। लेकिन सिविल अस्पताल का प्रशासन कहना है कि बिजली की सप्लाई निगम द्वारा की जाती है।

बता दें कि घटना के समय ट्रांसफार्मर खुले में था। बच्चा अमित खेलता हुआ ट्रांसफार्मर के पास चला गया था और उसके साथ चिपक गया। करंट लगने से बच्चा वह बुरी तरह झुलस गया था। उसके बाजू, पैर व पेट पर करंट से नुकसान हुआ। उसे रोहतक के पीजीआई में रेफर किया गया।

उपचार के दौरान चिकित्सकों को उसकी दाईं बाजू काटनी पड़ी थी। घटना के बाद प्रशासन जागा और ट्रांसफार्मर को लोहे के जाल से कवर किया गया। बच्चे की मां अनीता के बयान पर मामला दर्ज किया गया।

दोनों कार्यालय एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

निगम का कोई फॉल्ट नहीं: एसडीओ

सिविल अस्पताल में 11000 वोल्टेज की सप्लाई पर मीटर लगा हुआ है। सिविल अस्पताल द्वारा खुद ट्रांसफार्मर लगवाया गया है। हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। निगम का कोई फॉल्ट नहीं है। सिटी थाने में हमने जवाब दे दिया है।\\\'\\\' -विकास ठकराल, एसडीओ, बिजली निगम

ट्रांसफॉर्मर निगम का होता है: एसएमओ

ट्रांसफार्मर निगम का होता है। कहने को कुछ भी कहते रहें। ट्रांसफॉर्मर निगम का ही है। निगम से अप्रूवल लिया होगा, तभी ट्रांसफार्मर लगा होगा। इंस्टॉल भी निगम करता है। कोई खुद कैसे ट्रांसफार्मर लगा सकता है।\\\'\\\' -डॉ. अरुणा गर्ग, एसएमओ, सिविल अस्पताल

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