पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ग्रामीणों ने जेई पर लगाया आरोप : मोगे को बंद कर रोकी पेयजल सप्लाई, दोबारा पाइप लगाई तो उसे भी उखाड़ा

ग्रामीणों ने जेई पर लगाया आरोप : मोगे को बंद कर रोकी पेयजल सप्लाई, दोबारा पाइप लगाई तो उसे भी उखाड़ा

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
घिराय में नहर विभाग के जेई पर ग्रामीणों ने मोगे को लिपाई से बंद करने का आरोप लगाकर हंगामा। ग्रामीणों ने कहा कि जब गांव के लोगों ने पेयजल लाइन के लिए पाइप लगाया तो जेई ने उसे भी जबरन जेसीबी मशीन से तोड़कर फेंक दिया। जिसके बाद ग्रामीणों और महकमे के बीच तनाव बढ़ गया। नाराज ग्रामीणों ने नहर विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि वीरवार सुबह तक अगर मोगे को दुरुस्त नहीं किया तो ग्रामीण नहर पर ही तंबू गाड़कर धरने पर बैठ जाएंगे। जानकारी के अनुसार हांसी खंड के गांव घिराय में बालसमन्द सब ब्रांच नहर से पेयजल सप्लाई की मेन पाइप लाइन का मुख्य मोगा नहर विभाग के जेई पर जबरन बंद किए जाने का आरोप लगाया। जिससे गांव की लगभग साढ़े छह हजार की आबादी प्रभावित हो सकती है।

ग्रामीणों ने ही माेगे में लक्कड़ ठोक दिए थे

ग्रामीणों ने ही मोगे में लक्कड़ ठोक दिए हैं। इसमें हमारी कोई भी लापरवाही नहीं, ग्रामीण हमारे जेई के साथ लाठियां लेकर पीछे पड़ गए थे। रमेश चंद्र, एक्सईएन।

ग्रामीणों ने जो आरोप लगाया है उसमें कोई सच्चाई नहीं है। हमने कोई मोगा बंद नहीं किया है। बल्कि हमने तो साइफन लगा कर अपनी तरफ से पानी दिए जाने की कोशिश की है। जर्जर हालत में पुल को बनवाया गया गांव वालों ने जबरन ट्रैक्टर ट्रालियों से पुल के ऊपर से गुजारे। पुल को मजबूत नहीं होने दिया। सुनील कुमार जेई नहर विभाग।

जानबूझकर बंद किया पानी : सरपंच

पानी आया तो मालूम हुआ की जेई ने गांव को जाने वाली मेन वाटर सप्लाई की लाइन के मोगे को उस वक्त बंद किया जब जर्जर पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया। उस वक्त जेई ने करीब 16 इंच के मोगे पर लिपाई करवा दी। नहर में जैसे ही पानी आया तो जलघर को जाने वाली मुख्य पाइप लाइन से पानी सप्लाई नहीं हुई। घिराय गांव के सरपंच राजेश बूरा ने कहा कि मोगा बंद किए जाने से गांव में पानी की किल्लत हो गई है। ये सब नहर विभाग के जेई की वजह से हुआ। उन्होंने कहा कि महकमे ने मोगे को जानबूझकर बंद कर दिया।

घिराय ग्रामीणों द्वारा लगाई पाइप उखाड़ती जेसीबी।

खबरें और भी हैं...