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जमीन पर रखे ट्रांसफार्मर से बच्चे के झुलसने के मामले में एसडीओ समेत 3 पर एफआईआर

3 वर्ष पहले
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सिविल अस्पताल में जमीन पर रखे ट्रांसफार्मर से आठ साल के बच्चे को करंट लगने की घटना के सिलसिले में पुलिस ने बिजली निगम के एसडीओ, जेई और लाइनमैन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामला घटना के पांच महीने बाद दर्ज किया गया है। करंट लगने से बच्चे को अपनी एक बाजू गंवानी पड़ी। सार्वजनिक स्थल पर रखे ट्रांसफार्मर से करंट लगने पर बिजली निगम के अधिकारियों पर पहली बार मामला दर्ज हुआ है।

नौ जनवरी की सुबह सिविल अस्पताल में जमीन पर रखे ट्रांसफार्मर को हाथ लगने से प्रेम नगर का आठ वर्ष का एक बच्चा अमित गंभीर रूप से झुलस गया था। बच्चे की गंभीर अवस्था में रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। जहां उसे कई दिनों तक दाखिल रखा गया। परिजनों द्वारा तब बिजली निगम के खिलाफ शिकायत दी थी। बाकायदा पुलिसकर्मी रोहतक पीजीआई में जाकर बयान दर्ज कर के आए थे। पुलिस ने पांच माह तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। जिस पर पिता अनिल कुमार ने सीएम विंडो पर शिकायत की और कई बार पुलिस अधिकारियों से भी मुलाकात की। लेकिन सिर्फ आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।

पांच माह के बाद पुलिस विभाग गहरी नींद से जागा और अब जाकर मामला दर्ज किया। शिकायत में बच्चे की मां ने बिजली निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही बताई। पुलिस ने मंगलवार देर शाम को अनीता के बयान पर निगम के एसडीओ, जेई, लाइनमैन व कर्मचारी पर जान जोखिम में डालने व लापरवाही बरतने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी, गिरफ्तारी कोई नहीं है। ट्रांसफार्मर सिविल अस्पताल के पिछले रास्ते पर रखा हुआ है। जहां से अस्पताल के अंदर जाने के लिए रास्ता जाता है। यह ट्रांसफार्मर चार पांच वर्ष पहले यहां पर रखा गया था। यह जमीन से दो फुट उंचे चबूतरे पर है। घटना के समय यह ट्रांसफार्मर ढका नहीं हुआ था।

यह है मामला

अस्पताल में चबूतरे पर रखा ट्रांसफार्मर।

बच्चे के पिता अनिल कुमार ने बताया कि उनकी प|ी व बेटे अमित की तबीयत खराब थी। वह उपचार के लिए सिविल अस्पताल में गए थे। इस दौरान अमित खेलते हुए अस्पताल की बिल्डिंग से बाहर निकल गया और वहां जमीन रखे हुए ट्रांसफार्मर के पास चला गया। ट्रांसफार्मर जमीन से दो तीन फुट ऊंचाई पर बने चबूतरे पर रखा हुआ था। अमित ट्रांसफार्मर के साथ चिपक गया। पास में खड़े युवकों व अस्पताल के स्टॉफ ने उसे देखा। आनन -फानन में ट्रांसफार्मर की सप्लाई बंद की गई। इसके बाद अमित को ट्रांसफार्मर से अलग कर अस्पताल में ही दाखिल करवाया। जहां से उसे हिसार रेफर किया गया। हिसार के नागरिक अस्पताल से उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। रोहतक पीजीआई में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।

मां के बयान पर कार्रवाई

फिलहाल बच्चे की मां के बयान पर निगम के अधिकारियों व कर्मचारी पर मामला दर्ज किया गया है। अस्पताल प्रशासन की इस मामले में कितनी जिम्मेवारी बनती है, यह जांच में देखा जाएगा। शिकायत तो घटना के बाद आ गई थी, मामला दर्ज कर लिया है। जांच की जा रही है।’’ -अमर सिंह, आईओ व एएसआई, सिटी थाना

पुलिस ने नहीं लिया एक्शन

बच्चे का हाथ मुड़ गया था। बाद में चिकित्सकों ने इसे काट दिया। बच्चे के गुर्दे पर भी कुछ असर हो सकता है, इसके लिए टैस्ट करवा रहे हैं। मामले में हमने तभी शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया और न ही निगम के अधिकारियों से इस बारे में कोई पूछताछ की थी। सीएम विंडो लगाई, लेकिन तब भी कोई एक्शन नहीं हुआ। उल्टा पुलिसकर्मी हमें डांटने लगे कि बच्चे को संभाल नहीं सकते।’’ -अनिल, पीड़ित बच्चे के पिता, प्रेमनगर।

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