हिसार-रेवाड़ी रेल लाइन का विद्युतीकरण पूरा होने के बावजूद इलेक्ट्रिक इंजन ट्रेन के लिए अभी दो महीने तक और इंतजार करना पड़ सकता है। मामले में रेलवे प्रशासन ने ट्रेन चलाने के लिए अभी इंतजार करने के लिए कहा है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि इलेक्ट्रिक इंजन ट्रेन के लिए कुछ खामियां हैं, जिन्हें दूर किया जाए, उसके बाद ट्रेन चलाई जाएगी।
इलेक्ट्रिक इंजन ट्रेन पिछले दिनों चलाई जानी थी। सबसे पहले गोरखधाम एक्सप्रेस चलाए जाने की योजना बनाई गई। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने ट्रेन चलाने से मना कर दिया। उनका कहना है कि अभी रेलवे लाइन इलेक्ट्रिक इंजन ट्रेन के लिए तैयार नहीं है। इसकी वजह है कि इलेक्ट्रिक ट्रेन की बिजली सप्लाई के लिए जो वायरिंग की गई है, उससे ट्रेन ज्यादा स्पीड नहीं पकड़ सकती। वायरिंग में कमी को दूर किया जाए। वहीं हिसार में अभी रेलवे पुल का निर्माण चल रहा है। यह भी एक इलेक्ट्रिक इंजन ट्रेन में देरी होने की एक वजह है। इसके चलते रेलवे प्रशासन ने साफ कर दिया है अभी इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने में कुछ देरी है।
हांसी से रेवाड़ी तक रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम पूरा दिसंबर 2017 में हो गया था। ताकि रेलवे लाइन पर डीजल के बजाए इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ सके। रेवाड़ी से हिसार तक की रेलवे लाईन का विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने पर 28 मार्च को रेलवे के कमीशन ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) सुभाष चंद्र ने निरीक्षण किया था।
विद्युतीकरण व इससे जुड़े हर उपकरण के निरीक्षण के लिए सीआरएस दो घंटे तक हांसी स्टेशन पर रहे थे। इस दौरान कुछ खामियां भी मिली थी। जिसे दूर करने के लिए कहा गया था। उनके द्वारा जांच के एक सप्ताह बाद रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को सौंपी जानी थी। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई होनी थी।