श्रीमद्भागवत सप्ताह में कथा करते कथावाचक राघवेंद्र सरकार।
भास्कर न्यूज | हांसी
प्रभु नाम के सिमरन मात्र से प्राणी को जीव में किए गए पापों से मुक्ति मिल जाती है। इसलिए मनुष्य को अपने पाप कर्मों से मुक्ति पाने के लिए प्रभु के नाम का सिमरन अवश्य करना चाहिए।
यह बात पंचायती रामलीला मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह में कथावाचक राघवेंद्र सरकार ने कथा के दौरान कही। कथा के दौरान प्रभु नाम के सिमरन मात्र से अपने पाप कर्मों से मुक्ति पाने वाले प्रियव्रत चरित्र, सृष्टि वर्णन, कर्दम, अजामिल उद्धार एवम भक्त प्रह्लाद का चरित्र सुनाया गया। राघवेंद्र सरकार ने नारायण नाम स्मरण से भक्ति जागृति और उसके प्रभाव से अजामिल जैसे पापी का भी सहज रूप से उद्धार होने का वर्णन किया। किस प्रकार से अंत के समय में राक्षस कुल में उत्पन्न होने पर भी नारायण के पास के परम भक्त प्रहलाद आदि भी कठिन परिस्थितियों में धर्म का साथ रखते हुए उस परम तत्व की कण-कण में व्याप्त सत्ता का स्पष्ट संदेश देता है।
कथा में ज्ञानात्मक प्रसंगों के साथ साथ भक्ति जागृति को भजनों से गान किया गया। श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान जगदीश राय मित्तल ने बताया कि रविवार को श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्री लड्डू गोपाल श्रृंगार प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। रात को श्याम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें इंदौर की पुष्पा मित्तल का सान्निध्य भक्तों को प्राप्त होगा।