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सरकारी स्कूलों के परिणाम सुधरे, प्राइवेट से फिर भी पिछड़े

3 वर्ष पहले
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शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में इस बार सरकारी स्कूलों के परिणाम में सुधार तो है, लेकिन प्राइवेट स्कूलों को फिर भी वे टक्कर नहीं दे पाए। सरकारी स्कूलों में सिसाय के गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम सबसे बेहतर रहा। इस स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा। केवल दो बच्चे ही एक विषय में रिअपीयर हुए। अन्य सरकारी स्कूलों में अधिकांश बच्चे लुढ़कते नजर आए।

खंड प्रथम में कुल 41 सरकारी स्कूल हैं। शहर के तीन सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में सुधरा तो सही। लेकिन प्राइवेट स्कूलों को टक्कर नहीं दे पाया। सरकारी स्कूलों में फेल व कंपार्टमेंट प्राप्त बच्चों को अंग्रेजी ने चकमा दिया। सरकारी स्कूलों के बच्चे सबसे ज्यादा अंग्रेजी विषय में फेल हुए। वहीं सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल व अध्यापक इस बात से खुश दिखे कि उनका परीक्षा परिणाम पिछले वर्ष से कुछ ठीक रहा। मतलब उनका उद्देश्य शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम न रहकर पिछले वर्ष से अच्छा परीक्षा परिणाम लाना रहा।

यह रहे टॉप सरकारी स्कूल : सिसाय के गवर्नमेंट संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दसवीं कक्षा के कुल 37 बच्चे हैं। यहां 35 बच्चे पास हुए और 2 बच्चे रीअपियर हुए। स्कूल का परिणाम 95 प्रतिशत रहा।

पिछली बार की अपेक्षा परीक्षा परिणाम सुधरा

1. हिसार चुंगी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का कुल परीक्षा परिणाम 32 प्रतिशत रहा। यहां 44 में से 14 ही पास हुए। प्रिंसिपल तेलूराम ने बताया कि 2016 में परिणाम 10 प्रतिशत व वर्ष 2017 में 20 प्रतिशत रहा। परीक्षा परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में सुधरा है।

देपल के स्कूल में परिणाम गिरा : देपल गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल में 12 में से 4 छात्राएं पास हुई। 1 छात्रा की रीअपियर व 7 छात्राएं फेल हुई। परिणाम 33 प्रतिशत रहा। हेड टीचर नरेश कुमारी ने बताया कि परिणाम पिछले वर्षों तक 100 प्रतिशत तक रहता था। लेकिन इस बार खराब रहा है।

एक्सट्रा क्लास ने बेहतर बनाया रिजल्ट

मुलतान कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल के 31 विद्यार्थियों में से 20 पास हुए। परीक्षा परिणाम 65 प्रतिशत रहा। स्कूल के हेड मास्टर चांदराम ने बताया कि पिछले वर्ष का परीक्षा परिणाम केवल 7 प्रतिशत था। स्कूल में शिक्षकों द्वारा सुबह व शाम को एक्सट्रा क्लास ली गई।

2. लाल सड़क स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सैकंडरी स्कूल के 135 छात्राओं में से 57 छात्राएं पास हुई। परिणाम 45 प्रतिशत रहा। प्रिंसिपल जिले सिंह यादव ने बताया कि पिछले वर्ष परिणाम 10 प्रतिशत से भी कम था। स्टॉफ के साथ कोऑपरेट करके परिणाम सुधारा है।

निशु को 483 अंक मिले

शहीद भगत सिंह स्कूल की निशु ने दसवीं कक्षा में 483 अंक प्राप्त किए। निशु शहर में नंबर वन पर रही।

कुलबीर को मिले 93.6 प्रतिशत अंक

सिसाय के गवर्नमेंट संस्कृति सीनियर सेकंडरी स्कूल के कुलबीर ने 500 में से 468 अंक प्राप्त किए। स्कूल के प्रिंसिपल सुरेश गक्खड़ ने बताया कि स्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा।

किसी ने 5 घंटे तो किसी ने 7 घंटे की स्टडी, तभी टॉप टेन में शामिल हुईं जिले की 6 लड़कियां

कीर्ति

491

पड़ाव चौक हिसार निवासी व जीएन जेएन गोयनका स्कूल की कीर्ति बंसल दसवीं के परीक्षा परिणाम में प्रदेश में छठे नंबर पर और जिले की टॉपर रही। कीर्ति ने 500 में से 491 अंक हासिल किए। वह सर्जन बनना चाहती है। घर पर 4 से 5 घंटे स्टडी कर लक्ष्य प्राप्त किया।

500

न्यू योग नगर, हिसार

अंक 487 प्रदेश में 10वां, जिले में तीसरा स्थान

स्कूल: जीएन जेएन गोयनका कन्या स्कूल,हिसार

लक्ष्य - फिजिक्स लेक्चरर।

पिता : रणवीर, नर्सिंग होम में कार्यरत

माता : संतोष गृहिणी।

सक्सेस मंत्र : 6 से 7 घंटे पढ़ाई।

अक्षिता

487

500

परीक्षा का भय भी है कारण: बीईओ

कारण एक यह भी रहता है कि पहली बोर्ड परीक्षा होने के कारण बच्चों में भय पैदा हो जाता है। पहले आठवीं की बोर्ड की परीक्षा होती थी तो बच्चों का भय दूर हो जाता था।’’ -डॉ. सुभाष चंद्र, बीईओ, खंड प्रथम

मंगाली सूरतिया

अंक 487 : प्रदेश में टॉप टेन लिस्ट में दसवां नंबर

लक्ष्य - इंजीनियर बनना

स्कूल : गुरु जंभेश्वर सीनियर सेकंडरी स्कूल, कालवास।

पिता : सुरेंद्र, किसान

माता : कमला देवी,हाउस वाइफ

सक्सेस मंत्र : एकाग्रता।

शोभा

487

अंजू

488

500

मेला ग्राउंड स्थित सेक्टर 21, हिसार

अंक 488 : जिले में दूसरा और प्रदेश में छठा रैंक

स्कूल - जीएन जेएन गोयनका।

लक्ष्य - हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर

पिता : नरेंद्र सिंह, किसान।

मां : कृष्णा गृहिणी है।

सक्सेस मंत्र : 6 से 7 घंटे स्टडी।

500

गांव डाबड़ा

अंक- 487

लक्ष्य - सीए

स्कूल : सूर्य नगर स्थित होली चाइल्ड स्कूल

पिता : सुरेश कुमार पोस्टमास्टर

माता : संजू देवी गृहिणी

सक्सेस मंत्र : क्लास में एकाग्रता और सुबह-शाम पढ़ाई का रूटीन।

वंदना

487

500

सरकारी स्कूल में कमजोर बच्चे भी दाखिले के लिए आते हैं, हम उन्हें मना नहीं कर सकते, जबकि प्राइवेट स्कूल उन्हें दाखिला नहीं देते। कई बार ऐसे विद्यार्थियों के कारण भी परिणाम कम रहता है। ’’ -तेलूराम, प्रिंसिपल, राजकीय स्कूल, हिसार चुंगी

शिक्षा को मिठाई खिलाते परिजन।

बीपीएस भकलाना की छात्रा शिक्षा ने 486 अंक प्राप्त किए

नारनौंद के भकलाना बीपीएस स्कूल की छात्रा शिक्षा सिंधु ने दसवीं कक्षा में 486 अंक प्राप्त किए। मैथ में 100 नंबर प्राप्त किए। छात्रा शिक्षा ने जिले में टॉप टेन में स्थान प्राप्त किया व उपमंडल में प्रथम स्थान पर रही। शिक्षा किसान परिवार से संबंध रखती हैं। छात्रा ने बताया कि वह आईएएस बनना चाहती है। खांडा खेड़ी निवासी छात्रा के पिता अनिल सिंधु किसान है और उनकी माता सुनीता गृहिणी हैं। स्कूल की डायरेक्टर सोनू धतरवाल ने बताया कि छात्रा शिक्षा ने टॉप टेन में आकर विद्यालय का नाम रोशन किया है। छात्रा को विद्यालय प्रशासन सम्मानित भी करेगा।

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