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जिला अस्पताल में तकनीकी सुपरवाइजर की नियुक्ति अब मिल सकेगा ब्लड कंपोनेट यूनिट के लिए लाइसेंस

3 वर्ष पहले
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जिला अस्पताल को जल्द ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट के संचालन के लिए लाइसेंस मिल सकेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने मंगलवार को टेक्नीकल सुपरवाइजर की नियुक्ति कर दी। इसके तहत श्रीगंगानगर जिला अस्पताल से पैथोलोजिस्ट डॉ. राजविंद्र कौर को यहां लगाया गया है। नियुक्ति आदेश में इसको लेकर जिक्र किया गया है।

टेक्नीकल सुपरवाइजर के अभाव में यूनिट संचालन के लिए लाइसेंस नहीं मिल सकता। जिला अस्पताल में यूनिट के लिए भवन और उपकरण सब तैयार होने के बाद भी टेक्नीकल सुपरवाइजर नहीं होने के कारण लाइसेंस नहीं मिल पा रहा था। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने मुद्दा उठाया था। इस बीच टेक्नीकल सुपरवाइजर की नियुक्ति के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य निदेशालय को लिखा गया था।

गत दो फरवरी को यहां निरीक्षण के लिए गाजियाबाद से पहुंची सेंट्रल फूड एंड ड्रग सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम ने लाइसेंस को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। अधिकारियों का कहना था कि ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया व स्टेट ड्रग कंट्रोलर को रिपोर्ट सबमिट होने के चंद रोज बाद यूनिट प्रारंभ करने के लिए लाइसेंस जारी हो सकेगा लेकिन इससे पहले टेक्नीकल सुपरवाइजर की नियुक्ति आवश्यक है। ऐसे में अब सुपरवाइजर की नियुक्ति होने से समस्या हल हो गई है।

खबर का असर

मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा जयपुर व बीकानेर, बचेंगे पैसे

ब्लड सेपरेटर यूनिट शुरू होने के बाद मरीजों को ब्लड कंपोनेंट जिला अस्पताल में ही उपलब्ध हो सकेंगे। सबसे ज्यादा डेंगू के मरीजों को प्लेट्सलेट की आवश्यकता होती है। थैलेसीमिया के मरीजों सहित आग से जले, मलेरिया या चिकनगुनिया के बिगड़े केस में मरीजों को अलग-अलग ब्लड कंपोनेंट की आवश्यकता होती है लेकिन हनुमानगढ़ में कंपोनेंट की सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में यूनिट शुरू होने से रोगियों को बीकानेर या जयपुर जाने की समस्या से राहत मिलेगी।

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