हैरानी यह 14 लाख रुपए ही जमा कराए, अब मिट्टी भर्ती पर भी उठ रहे सवाल
दशहरा ग्राउंड निर्माण के लिए दानदाता ने मंत्री को खाली चेक सौंप 40 लाख के दान की घोषणा की, फिर खुद ही ले लिया 1.16 करोड़ का टेंडर
हैरानी यह 14 लाख रुपए ही जमा कराए, अब मिट्टी भर्ती पर भी उठ रहे सवाल
विशु वाट्स|हनुमानगढ़
टाउन में प्रस्तावित दशहरा ग्राउंड निर्माण को लेकर चल रहे कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। हैरानी की बात है कि परिषद की ओर से जनसहभागी योजना के तहत कराए जा रहे इस कार्य के लिए एक दानदाता ठेकेदार ने मंत्री को खाली चेक सौंपकर 40 लाख रुपए दान की घोषणा की थी लेकिन सरकार को प्रपोजल भिजवाने से पहले ही खाली चेक वापस ले लिया और 14 लाख रुपए ही परिषद कोष में जमा कराए। ऐसे में जनसहभागी योजना में शेष राशि अन्य दानदाताओं से जुटाई गई।
हैरानी की बात है कि 40 लाख रुपए की घोषणा करने वाले दानदाता ने ही अपनी ठेकेदार फर्म के नाम से दशहरा ग्राउंड निर्माण कार्य का ठेका लिया है। पहले घोषित दान राशि से कम आर्थिक सहयोग और फिर खुद ही टेंडर लिए जाने से दानदाता की मंशा पर सवाल खड़े हो गए हैं। सीवरेज थर्ड फेज के तहत रिजर्वायर सिस्टम निर्माण के लिए चल रही खुदाई में लाखों क्यूबिक मीटर मिट्टी अतिरिक्त उपलब्ध होने के बाद भी दशहरा ग्राउंड की जगह पर मिट्टी भर्ती के लिए परिषद की ओर से लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यह स्थिति तब है जब परिषद तंगहाली के दौर से गुजर रही है। शहर में विकास कार्यों को लोन लेकर पूरे कराने की योजना बनाई जा रही है। इस बीच परिषद प्रशासन की इस तरह की अनदेखी कई सवाल खड़े कर रही है।
टाउन में मुखर्जी कॉलोनी के पीछे गंदे पानी की जगह पर प्रस्तावित दशहरा ग्राउंड में चल रहा अभी मिट्टी भर्ती का काम
बड़ा सवाल- सीवरेज थर्ड फेज के तहत वाटर वर्क्स में खुदाई की मिट्टी अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डाल रहे तो दशहरा ग्राउंड में मिट्टी भर्ती पर क्यों खर्च कर रहे लाखों रुपए?
सीवरेज थर्ड फेज के तहत रिजर्वायर सिस्टम निर्माण के लिए आरयूआईडीपी की ओर से जंक्शन में बाइपास स्थित हैड वाटर वर्क्स में खुदाई कार्य चल रहा है। यहां से खुदाई के बाद मिट्टी आरयूआईडीपी ठेकेदार की ओर से नगरपरिषद की डिमांड पर कोर्ट परिसर, पुलिस थाना, पार्क, खुंजा कब्रिस्तान आदि सार्वजनिक स्थानों पर खुद के वाहनों से डलवाई जा रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि परिषद की ओर से दशहरा ग्राउंड की जगह पर मिट्टी क्यों नहीं डाली जा रही है।
यह है पूरा मामला|टाउन में मुखर्जी कॉलोनी के पीछे गंदे पानी की जगह पर दशहरा ग्राउंड का निर्माण प्रस्तावित है। जनसहभागी योजना मंह दशहरा ग्राउंड का निर्माण कार्य के लिए गत 23 सितंबर को परिषद सभागार में आयोजित पट्टा वितरण कार्यक्रम में दानदाता ठेकेदार सतीश बंसल ने 40 लाख रुपए की घोषणा की थी। जलसंसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप को दानदाता ने चेक सौंपा था। एस्टीमेट बढ़ने पर दानदाता ने दस से 20 लाख रुपए ओर देने पर भी सहमति जताते हुए खाली चेक सौंपा था। वहीं परिषद में खुद की शिवभंडार कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से 14 लाख रुपए ही जमा कराए। शेष राशि अन्य दानदाताओं से जुटाई गई। एक करोड़ 16 लाख रुपए के इस कार्य में दशहरा मैदान की चारदीवारी, मेन गेट व मिट्टी भर्ती आदि कार्य शामिल हैं।
पार्षद| नप के पास जब अतिरिक्त मिट्टी उपलब्ध तो क्यों खर्च रहे राशि
विपक्षी पार्षद सुमित रिणवां का कहना है कि सीवरेज थर्ड फेज के तहत परिषद के पास लाखों क्यूबिक मीटर मिट्टी उपलब्ध है तो अतिरिक्त रुपए खर्च कर ठेकेदार से क्यों मिट्टी भर्ती कराई जा रही है। शहर में जब अन्य सार्वजनिक स्थलों पर खुदाई की मिट्टी डाली जा सकती है तो दशहरा ग्राउंड की जगह पर क्यों नहीं।
आयुक्त| दशहरा ग्राउंड में अब ठेकेदार से नहीं कराएंगे मिट्टी भर्ती
आयुक्त व एसडीएम सुरेंद्र पुरोहित का कहना है कि दशहरा ग्राउंड की जगह पर ठेकेदार से मिट्टी भर्ती पर रोक लगाई जाएगी। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से निर्देश दिए जाएंगें। आरयूआईडीपी की ओर से की जा रही खुदाई की मिट्टी दशहरा ग्राउंड की जगह पर डलवाने के लिए संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
आरयूआईडीपी एक्सईएन| नप कहेगी तो ग्राउंड में डलवा देंगें मिट्टी
एक्सईएन भरत कुमार टेपन का कहना है कि खुदाई की मिट्टी नगरपरिषद की डिमांड पर शहर में सार्वजनिक स्थलों पर डलवाई जा रही है। अगर परिषद प्रशासन की ओर से डिमांड की जाएगी तो दशहरा ग्राउंड में भी खुदाई की मिट्टी डलवा देंगे। रिजर्वायर खुदाई से करीब नौ लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी उपलब्ध होगी।
23 सितंबर 2017 दानदाता ठेकेदार सतीश बंसल ने 40 लाख रुपए की घोषणा की है । 10 से 20 लाख रुपए और देने पर भी सहमति जताई। इसके लिए उन्होंने खाली चेक भी सौंपा।
16 अप्रैल 2018 ये है हनुमानगढ़ का दशहरा ग्राउंड। यहां अभी मिट्टी भर्ती का काम चल रहा है। रोजाना यहां सैकड़ों की तादाद में ट्रालियों द्वारा मिट्टी डाली जा रही है।
पहले टाला, फिर ठेकेदार ने स्वीकारा हां, मेरी फर्म ने ही लिया है टेंडर
ठेकेदार सतीश बंसल से भास्कर ने जब बातचीत की तो पहले तो उन्होंने टालमटोल किया। दान दी गई राशि बारे पूछने पर उन्होंने कहा कि मुझे ध्यान नहीं है, देखकर कुछ बता सकूंगा। फिर उन्होंने बात को स्वीकारते हुए कहा कि 40 लाख की घोषणा जरूर की थी लेकिन सभी ने मिलजुलकर राशि इकठ्ठी कर जमा कराई है। उन्होंने यह भी बात मानी कि टेंडर मैंने मेरी फर्म पर लिया है। मिट्टी भर्ती के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कार्य जी-शैड्यूल में शामिल है। जलसंसाधन मंत्री ने आरयूआईडीपी से मिट्टी डलवाने के निर्देश दिए थे लेकिन दूरी अधिक होना बताकर मिट्टी डाली नहीं गई। अगर आरयूआईडीपी मिट्टी डलवाएगी तो अच्छी बात है।