पीलीबंगा| देश बड़ा व प्रदेश छोटा होना चाहिए तभी दोनों का सर्वांगीण विकास संभव है। यह बात राजस्थान मरु प्रदेश निर्माण की मांग को लेकर वर्ष 2008 से लगातार आंदोलनरत मरु प्रदेश निर्माण मोर्चा संगठन के संयोजक जयवीर गोदारा ने शनिवार को धानमंडी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहे। उन्होंने कहा कि पंजाब व हरियाणा राज्य दूसरे प्रदेशों से कोयला आयात कर किसानों को सस्ते दामों पर बिजली तथा दूसरे प्रदेशों से खनिजों का आयात कर किसानों व आम नागरिकों को सस्ता इंधन उपलब्ध करवा रहे हैं। जबकि राजस्थान में खनिजों व कोयले का भंडार होने के बावजूद प्रदेश के नागरिक महंगी बिजली व महंगे ईधन का दंश झेल रहे हैं। प्रदेश के क्षेत्रफल को दो भागों में विभाजित कर ही प्रदेश की जनता को सस्ते व समुचित संसाधन उपलब्ध करवाए जा सकते हैं। उन्होंने उपस्थितजनों से तेलंगाना की तर्ज पर मरु प्रदेश निर्माण की मांग में संगठन का खुलकर सहयोग करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मरु सेना के प्रदेशाध्यक्ष जयंत मूढ़, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष गोदारा, गंगाराम खटीक, पार्षद देवीलाल सीगड़, पूर्व पार्षद हरविंद्र गिल, मनीराम नायक, हनुमान ओझा, सुरेश रोहतकिया, राजाराम गोदारा, निखिल बिश्नोई, कामरेड साहबराम पूनियां, सुखदेव सिंह संघा, कांग्रेस अल्पसंख्य विभाग के जिलाध्यक्ष रफीक मोहम्मद लोदी, रणवीर डेलू सहित विभिन्न राजनैतिक व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व मरू सेना के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद थे।