30 साल की सौतेली मां और 21 साल के बेटे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
मृतका के पिता श्योकरणराम ने बताया कि बेटी बिरमा अपने 3 साल की बेटी के साथ 5 दिन पहले ही अपने पीहर किशनपुरा ढाणी आई थी। शुक्रवार को सुनील भी किशनपुरा ढाणी में आ गया था जो 2 दिन से यहीं रह रहा था। शनिवार को मृतका ने अपने पिता से कहा कि वह ससुराल लखासर जाएगी, इसलिए उन्हें बस स्टैंड पर छोड़ आओ। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पिता अपनी बेटी को छोड़ने उनके साथ सूरतगढ़ बस स्टैंड पर आ गया। तभी सुनील ने श्योकरणराम जो रिश्ते में उसका नाना लगता है, से कहा कि वो बैंक जाकर आ रहे हैं, आप यहीं बैठे रहो। बेटी नीतू का ध्यान रखना। यह कहकर दोनों बस स्टैंड से चले गए। बस स्टैंड पर बैठे पिता ने उनका शाम तक इंतजार किया, लेकिन बेटी व दोहिते के नहीं आने पर दोहिती नीतू को लेकर श्योकरणराम वापस अपने घर चला गया।